2019 में सामान्य से 117% ज्यादा बारिश, 2021 में 76% कम; अगस्त की औसत बारिश 208.5 मिमी
उदयपुर, 29 अगस्त (सुभाष शर्मा): उदयपुर में अगस्त का महीना मानसून की बारिश के लिहाज से सबसे महत्वपूर्ण महीनों में शामिल है, लेकिन पिछले वर्षों के आंकड़े बताते हैं कि इस महीने बारिश का मिजाज बेहद उतार-चढ़ाव वाला रहा है। कभी अगस्त में सामान्य से दोगुने से भी ज्यादा पानी बरसा तो कभी बारिश सामान्य के एक चौथाई तक सिमट गई। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग के उदयपुर स्टेशन के अनुसार अगस्त में सामान्य बारिश 208.5 मिमी है और औसतन 9.8 दिन बारिश होती है।
2019 में 452.8 मिमी, 2021 में सिर्फ 50.2 मिमी
IMD के उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार अगस्त में सबसे ज्यादा बारिश वाले हालिया वर्षों में 2019 प्रमुख रहा। उस साल पूरे महीने 452.8 मिमी बारिश दर्ज हुई, जो सामान्य से करीब 117 प्रतिशत अधिक थी। 2016 में 407.5 मिमी और 2020 में 295.3 मिमी बारिश हुई। इसके विपरीत 2021 में अगस्त में केवल 50.2 मिमी बारिश हुई, जो सामान्य से करीब 76 प्रतिशत कम थी।
2012 से 2021 तक ऐसा रहा अगस्त का रिकॉर्ड
वर्ष अगस्त की बारिश सामान्य 208.5 मिमी से अंतर
2012 319.2 मिमी 53% अधिक
2013 209.3 मिमी लगभग सामान्य
2014 110.3 मिमी 47% कम
2015 223.3 मिमी 7% अधिक
2016 407.5 मिमी 95% अधिक
2017 118.5 मिमी 43% कम
2018 159.4 मिमी 24% कम
2019 452.8 मिमी 117% अधिक
2020 295.3 मिमी 42% अधिक
2021 50.2 मिमी 76% कम
2022 72.5 मिमी 64% कम
2023 6.4 मिमी 94% कम
2024 279.3 मिमी 43% अधिक
2025 150.36 मिमी 24% कम
आंकड़े IMD उदयपुर स्टेशन के आधिकारिक अगस्त रिकॉर्ड से लिए गए हैं।
2023 में अगस्त लगभग सूखा रहा
2023 का आंकड़ा इस पूरी तस्वीर में सबसे चौंकाने वाला है। उपलब्ध ऐतिहासिक रिकॉर्ड में अगस्त की बारिश सिर्फ 6.4 मिमी रही। इसके ठीक अगले वर्ष 2024 में यह बढ़कर करीब 279 मिमी हो गई। यानी एक ही शहर में अगस्त की बारिश में साल-दर-साल भारी अंतर देखने को मिला।
अगस्त का सर्वकालिक रिकॉर्ड 630.4 मिमी
उदयपुर में अगस्त की बारिश का सर्वकालिक रिकॉर्ड 630.4 मिमी है, जो वर्ष 1973 में दर्ज हुआ था। वहीं अगस्त में 24 घंटे में सर्वाधिक बारिश 142 मिमी 19 अगस्त 2006 को दर्ज की गई थी।
बारिश का यही उतार-चढ़ाव झीलों के लिए भी अहम
ख्यातनाम पर्यावरणविद राहुल शर्मा बताते हैं, अगस्त में होने वाली बारिश का सीधा असर उदयपुर की झीलों और बांधों पर पड़ता है। तेज बारिश के दौर में उदयसागर, फतेहसागर, पिछोला और आसपास के जलाशयों में पानी की आवक तेजी से बढ़ती है, जबकि बारिश के लंबे अंतराल से जलस्तर और जल आवक दोनों प्रभावित होते हैं। इसलिए अगस्त के आंकड़े केवल मौसम का रिकॉर्ड नहीं, बल्कि उदयपुर की झीलों, खेती और जल उपलब्धता का भी संकेतक हैं।