परिसीमन से बदली पंचायतें, ग्रामीणों में आक्रोश

Share

दो गांवों को दूर की पंचायतों में जोड़े जाने का विरोध, वापस पुरानी पंचायतों में शामिल करने की मांग
चित्तौड़गढ़/प्रतापगढ़, 5 अक्टूबर:
पंचायतीराज चुनाव से पहले पंचायत परिसीमन को लेकर ग्रामीणों का विरोध सामने आने लगा है। चित्तौड़गढ़ के अचलपुरा और प्रतापगढ़ के सोहनपुर गांव के ग्रामीणों ने पंचायत बदलने का विरोध करते हुए प्रशासन से पुराने पंचायत क्षेत्र में वापस शामिल करने की मांग की है। मांग पूरी नहीं होने पर दोनों गांवों के ग्रामीणों ने आगामी पंचायतीराज चुनाव में मतदान बहिष्कार की चेतावनी दी है।
चित्तौड़गढ़ के अचलपुरा को नए परिसीमन में नाहरगढ़ ग्राम पंचायत से हटाकर आतरी में शामिल किया गया है। ग्रामीणों का कहना है कि आतरी गांव से काफी दूर है और वहां आने-जाने के पर्याप्त साधन भी उपलब्ध नहीं हैं। पंचायत संबंधी छोटे-छोटे कार्यों के लिए भी उन्हें अधिक दूरी तय करनी पड़ेगी। ग्रामीणों ने अचलपुरा को नाहरगढ़ में रखने अथवा विकल्प के तौर पर धीरजी का खेड़ा पंचायत में शामिल करने की मांग की है। ग्रामीणों के अनुसार उन्होंने 1 सितंबर 2025 को भी प्रशासन के समक्ष यह मांग रखी थी।
इसी तरह प्रतापगढ़ के सोहनपुर को झांसडी पंचायत से हटाकर अखेपुर में शामिल किया गया है। ग्रामीणों का कहना है कि सोहनपुर से झांसडी की दूरी एक किलोमीटर से भी कम है, जबकि अखेपुर करीब चार किलोमीटर दूर है। ग्रामीणों ने कलेक्टर को ज्ञापन देकर वापस झांसडी में शामिल करने की मांग की। उनका कहना है कि पूर्व में भी ज्ञापन दिए गए तथा हाईकोर्ट में याचिका के बावजूद समस्या का समाधान नहीं हुआ। मांग पूरी नहीं होने पर चुनाव बहिष्कार की चेतावनी दी गई है।