ओबरी, 13 सितम्बर: भाद्रपद शुक्ल तृतीया पर रविवार को हरतालिका (केवड़ा) तीज का पर्व श्रद्धा, भक्ति और उल्लास के साथ मनाया गया। सुहागिन महिलाओं ने पति की दीर्घायु, अखंड सौभाग्य और परिवार की समृद्धि की कामना को लेकर निर्जला व्रत रखा। व्रतियों ने मिट्टी से शिवलिंग, भगवान शिव, माता पार्वती और गणेशजी की प्रतिमाएं बनाकर विधि-विधान से पूजा की तथा केवड़े के पुष्प, कुमकुम और फल-फूल अर्पित किए। श्रीरेश्वर महादेव, डेचा के हरनेश्वर महादेव और ओबरी के धत्रेश्वर शिवालय में श्रद्धालुओं की भीड़ रही। महिलाओं ने सामूहिक रूप से कथा सुनी। रात में जागरण और भजन-कीर्तन हुए। पंडित जयंतीलाल व्यास ने व्रत की महत्ता बताई।