पुरस्कृत शिक्षकों का संभाग स्तरीय सम्मेलन संपन्न

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शिक्षा गुणवत्ता, शिक्षक सम्मान और लंबित मांगों पर हुई चर्चा, सात जिलों के शिक्षक हुए शामिल
उदयपुर, 9 जून:
राष्ट्रीय एवं राज्य स्तरीय पुरस्कृत शिक्षकों का संभाग स्तरीय सम्मेलन मंगलवार को सरस्वती शिक्षक सदन, उदयपुर में आयोजित हुआ। सम्मेलन में उदयपुर संभाग के डूंगरपुर, बांसवाड़ा, चित्तौड़गढ़, प्रतापगढ़, राजसमंद, सलूंबर और उदयपुर जिलों के पुरस्कृत शिक्षकों ने भाग लेकर शिक्षा, शिक्षक सम्मान और संगठनात्मक मुद्दों पर विचार-विमर्श किया।
शिक्षक समाज में चेतना के वाहक
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि एस.एस. सारंगदेवोत ने कहा कि शिक्षक समाज में चेतना और संस्कारों का संचार करने वाली सबसे महत्वपूर्ण शक्ति है। सम्मान केवल व्यक्तियों को ही नहीं, बल्कि देवताओं को भी प्रिय होता है। उन्होंने कहा कि समर्पण और सेवा भाव शिक्षक की मूल पहचान है तथा समाज के निर्माण में उनकी भूमिका अतुलनीय है।
सम्मेलन की अध्यक्षता पुरस्कृत शिक्षक फोरम के प्रदेश महामंत्री रामेश्वर प्रसाद शर्मा ने की। उन्होंने कहा कि पुरस्कृत शिक्षकों ने अपने उत्कृष्ट कार्यों से समाज में विशिष्ट पहचान बनाई है। वर्तमान समय में भी उनसे शिक्षा के क्षेत्र में नवाचार और उल्लेखनीय योगदान की अपेक्षा है।
शिक्षकों की समस्याओं के समाधान पर जोर
जिला अध्यक्ष चौसर लाल कच्छारा ने संस्थान द्वारा वर्षभर आयोजित किए जाने वाले कार्यक्रमों की जानकारी देते हुए बताया कि संस्था श्रेष्ठ शिक्षकों का सम्मान, बाल कवि सम्मेलन, आशु भाषण प्रतियोगिता एवं वृक्षारोपण जैसे कार्यक्रम नियमित रूप से आयोजित करती है।
सम्मेलन में पुरस्कृत शिक्षकों की वेतन वृद्धि, इच्छित स्थान पर स्थानांतरण आदेशों की क्रियान्विति सहित विभिन्न लंबित मांगों पर चर्चा हुई। प्रदेश नेतृत्व ने बताया कि इन मुद्दों के समाधान के लिए राज्य सरकार से लगातार संवाद किया जा रहा है तथा आवश्यकता पड़ने पर जयपुर में व्यापक स्तर पर सहभागिता सुनिश्चित की जाएगी। कार्यक्रम में विभिन्न जिलों के प्रतिनिधियों ने भी अपने विचार रखे। अंत में डॉ. भगवती शंकर व्यास ने आभार व्यक्त किया तथा कार्यक्रम का संचालन श्रीमती नूतन वेदी ने किया।