तेज हवा में बिजली लाइन से टकराए टेंट के पाइप, बचाने पहुंचे ग्रामीण चपेट में आए
प्रतापगढ़, 21 अक्टूबर: पीपलखूंट क्षेत्र के रेणंदा गांव में बुधवार दोपहर कांग्रेस की बैठक के दौरान टेंट में करंट फैलने से दो लोगों की मौत हो गई, जबकि 14 घायल हो गए। तिराबावजी मंदिर के पास लगे टेंट के तेज हवा में उड़ने से उसके पाइप ऊपर से गुजर रही बिजली लाइन के संपर्क में आ गए। टेंट संभालने पहुंचे ग्रामीण करंट की चपेट में आ गए। घायलों को प्रतापगढ़ जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
टेंट संभालने पहुंचे ग्रामीण झुलसे
घायल प्रकाश के अनुसार पंचायत चुनाव को लेकर रेणंदा, बूंदीखेड़ा और खिलाय कुंड गांवों के करीब 150 लोग बैठक में शामिल हुए थे। बैठक में घाटोल विधायक नानालाल निनामा के आने की भी संभावना थी। बैठक शुरू होते ही तेज हवा चलने लगी और टेंट उड़ने लगा। ग्रामीणों ने टेंट के पाइप पकड़कर उसे संभालने की कोशिश की, तभी पाइप बिजली लाइन के संपर्क में आ गए। इससे करीब 16 लोग करंट की चपेट में आ गए और मौके पर अफरा-तफरी मच गई।
दो की मौत, 14 का इलाज जारी
हादसे में डेमरीपाड़ा निवासी अर्जुन (57) पुत्र अमरिया और रेणंदा निवासी मोहन (45) पुत्र गौतम की मौत हो गई। अन्य 14 घायलों का जिला अस्पताल में उपचार जारी है।
ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि सूचना देने के बावजूद एंबुलेंस समय पर नहीं पहुंची, जिसके चलते कुछ घायलों को मोटरसाइकिल से अस्पताल ले जाना पड़ा। ग्रामीणों के अनुसार, पीपलखूंट से प्रशासनिक अधिकारी भी तत्काल मौके पर नहीं पहुंचे। बाद में प्रतापगढ़ पुलिस, एडीएम विजेश पंड्या और एएसपी जयदेव सिहाग जिला अस्पताल पहुंचे और उपचार की व्यवस्थाओं की जानकारी ली। एंबुलेंस और प्रशासनिक प्रतिक्रिया में देरी को लेकर संबंधित विभागों का पक्ष उपलब्ध नहीं हो सका।
घायलों के नाम
विकास (23), छगन (55), गोवर्धन (35), लक्ष्मण (32), सुरेश (35), प्रकाश (30), किशन (45), विजीया (55), शंकर (45), कालू (22), षवजी (55), धेरिया (60), कैलाश (35) और कालू (23)।
एंबुलेंस का इंतजार, घायलों को बाइक से पहुंचाया अस्पताल
प्रतापगढ़ हादसे के बाद ग्रामीणों ने उठाए आपात चिकित्सा व्यवस्था पर सवाल
पीपलखूंट के रेणंदा गांव में टेंट में करंट फैलने से हुए हादसे के बाद घायलों को अस्पताल पहुंचाने के लिए ग्रामीणों को मशक्कत करनी पड़ी। ग्रामीणों का आरोप है कि सूचना देने के करीब एक घंटे तक एंबुलेंस नहीं पहुंची। ऐसे में कुछ घायलों को मोटरसाइकिल से प्रतापगढ़ जिला अस्पताल ले जाना पड़ा।
ग्रामीण शंभूलाल के अनुसार, हादसे के बाद घायलों को तत्काल चिकित्सा सहायता की जरूरत थी, लेकिन एंबुलेंस समय पर नहीं पहुंची। इससे परिजन और ग्रामीण परेशान रहे। घटना में दो लोगों की मौत हो गई, जबकि 14 घायल हुए हैं। सभी घायलों को प्रतापगढ़ जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया।
ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया कि हादसे के बाद पीपलखूंट से प्रशासनिक अधिकारी तत्काल मौके पर नहीं पहुंचे। बाद में प्रतापगढ़ पुलिस, एडीएम विजेश पंड्या और एएसपी जयदेव सिहाग जिला अस्पताल पहुंचे तथा घायलों के उपचार की व्यवस्थाओं की जानकारी ली। एंबुलेंस पहुंचने और प्रशासनिक अधिकारियों की प्रतिक्रिया में देरी को लेकर संबंधित विभागों का पक्ष उपलब्ध नहीं हो सका।