उदयपुर में बनेंगे परिवार अनुकूल सामुदायिक शौचालय

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शनिवार मुद्दा: नगर निगम तैयार कराएगा, डायपर बदलने, स्तनपान और बच्चों के लिए सुरक्षित सीट की सुविधा होगी
सुभाष शर्मा
उदयपुर, 28 अगस्त
: सार्वजनिक स्थानों पर छोटे बच्चों के साथ जाने वाले माता-पिता की वर्षों पुरानी परेशानी अब दूर हो सकती है। उदयपुर में बाल एवं परिवार अनुकूल सामुदायिक शौचालय विकसित करने की पहल की जा रही है। इसका निर्माण नगर निगम की ओर से कराया जाएगा। इसमें मां या पिता अपने छोटे बच्चे के साथ एक ही शौचालय में जा सकेंगे। यानी बच्चे को अकेला छोड़ने या उसे पुरुष अथवा महिला शौचालय में ले जाने की असहज स्थिति नहीं रहेगी।
यह पहल सार्वजनिक शौचालय की पारंपरिक अवधारणा को बदलने वाली हो सकती है। अब शौचालय को केवल शौच की सुविधा के रूप में नहीं, बल्कि परिवार, बच्चों, बुजुर्गों और दिव्यांगजनों की जरूरतों को ध्यान में रखकर विकसित करने पर जोर दिया जा रहा है।
भारत की सार्वभौमिक सुगम्यता संबंधी दिशा-निर्देश-2021 में परिवार अनुकूल शौचालय की अवधारणा को जगह दी गई है। इसमें अभिभावक या देखभालकर्ता के साथ बच्चे के प्रवेश, बच्चे के आकार के शौचालय और हाथ धोने की जगह, डायपर बदलने की सुविधा, बच्चे को सुरक्षित बैठाने वाली सीट तथा माताओं के लिए स्तनपान कराने की जगह जैसी सुविधाओं का प्रावधान है।
3000×2200 मिलीमीटर में पूरा हो सकता है मॉडल
राष्ट्रीय दिशा-निर्देशों के अनुसार करीब 3000×2200 मिलीमीटर स्थान में परिवार अनुकूल शौचालय विकसित किया जा सकता है। इसमें बच्चे और अभिभावक के आवागमन के लिए पर्याप्त जगह, करीब 1500 मिलीमीटर घूमने की जगह और कम से कम 900 मिलीमीटर चौड़ा दरवाजा रखा जा सकता है। आईएस 4963:2024 में भी परिवार शौचालय में डायपर बदलने की सुविधा और बच्चे को सुरक्षित बैठाने वाली सीट जैसी व्यवस्थाओं पर जोर दिया गया है। उदयपुर जैसे पर्यटन शहर में इसकी जरूरत और बढ़ जाती है। झीलों, पर्यटन स्थलों, बाजारों, पार्कों और अन्य सार्वजनिक स्थानों पर देश-विदेश से परिवार आते हैं। छोटे बच्चों के साथ यात्रा करने वाले अभिभावकों के लिए ऐसी सुविधा काफी उपयोगी साबित हो सकती है।
निर्माण से ज्यादा जरूरी होगा रखरखाव
परिवार शौचालय की सफलता केवल भवन बनाने से नहीं होगी। नियमित सफाई, पर्याप्त पानी, महिला और पुरुष परिचारक, डायपर और स्वच्छता संबंधी कचरे का सुरक्षित निस्तारण, अच्छी रोशनी, हवा के आवागमन, आपातकालीन सूचना व्यवस्था तथा शिकायत और नियमित निरीक्षण की व्यवस्था भी जरूरी होगी। यदि उदयपुर में इस मॉडल को सुविधाजनक डिजाइन, स्वच्छता, सुरक्षा और नियमित रखरखाव के साथ लागू किया जाता है तो शहर देश के अन्य पर्यटन शहरों के लिए भी एक नया उदाहरण पेश कर सकता है।
परिवार शौचालय में क्या-क्या होगा?
बच्चों के आकार का शौचालय
बच्चों की ऊंचाई के अनुसार हाथ धोने की जगह
माताओं के लिए स्तनपान कराने की जगह
डायपर बदलने की सुविधा
बच्चे को सुरक्षित बैठाने वाली सीट
बच्चे की गाड़ी रखने के लिए जगह
दिव्यांग बच्चे और अभिभावक के लिए सुगम व्यवस्था
सहारा देने के लिए पकड़ने वाली छड़ें
आपातकालीन सूचना व्यवस्था
24 घंटे पानी और हाथ धोने की सुविधा
नियमित सफाई और कचरे का सुरक्षित निस्तारण
पर्याप्त रोशनी और हवा के आवागमन की व्यवस्था
बच्चों की सुरक्षा को ध्यान में रखकर तैयार किया गया ढांचा