लालिमा, पानी आना और सुबह आंखों का चिपकना प्रमुख लक्षण; संक्रमित व्यक्ति से दूरी रखें, तौलिया-रुमाल व आई ड्रॉप साझा न करें
गोपाल लोहार
उदयपुर, 28 अगस्त: बारिश के मौसम में नमी और गंदगी के कारण आंखों में संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है। इस दौरान आई फ्लू यानी कंजंक्टिवाइटिस के मामले भी बढ़ सकते हैं।
चिकित्सा विभाग की शहर प्रभारी एवं उप निदेशक डॉ. कैलाश शर्मा ने लोगों से आंखों की साफ-सफाई के साथ व्यक्तिगत वस्तुओं को साझा नहीं करने और संक्रमण के लक्षण दिखाई देने पर चिकित्सकीय सलाह लेने की अपील की है। डॉ. शर्मा ने बताया कि आंखों का लाल होना, पानी आना और सुबह के समय आंख का चिपक जाना कंजंक्टिवाइटिस के प्रमुख लक्षण हैं। कई मामलों में आंखों में खुजली, जलन और सूजन भी हो सकती है। यह संक्रमण एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में फैल सकता है, इसलिए संक्रमित व्यक्ति को विशेष सावधानी बरतनी चाहिए।
उन्होंने बताया कि कंजंक्टिवाइटिस से बचाव के लिए हाथों को साबुन से अच्छी तरह धोकर ही आंखों को छुएं। आंखों को बार-बार रगड़ने से बचें। तौलिया, रुमाल, तकिया और आंखों में डालने वाली दवाइयां या बूंदें दूसरे व्यक्ति के साथ साझा नहीं करनी चाहिए। संक्रमित व्यक्ति अपना तौलिया, तकिया और रुमाल अलग रखे तथा घर में भी स्वच्छता का विशेष ध्यान रखे।
बारिश के दौरान धूल, गंदे पानी और प्रदूषित पानी के संपर्क से आंखों को बचाना चाहिए। बाहर निकलते समय चश्मे का उपयोग भी आंखों को धूल और अन्य बाहरी कणों से बचाने में मदद कर सकता है। आंखों में लालिमा, खुजली, पानी आने या चिपचिपापन जैसे लक्षण दिखाई देने पर चिकित्सक से परामर्श लेना चाहिए।
डॉ. शर्मा ने विशेष रूप से कहा कि बिना चिकित्सकीय सलाह के आंखों में किसी भी प्रकार की बूंद या दवा नहीं डालनी चाहिए। पर्याप्त नींद, पौष्टिक भोजन और पर्याप्त मात्रा में पानी पीना भी स्वास्थ्य के लिए जरूरी है। सावधानी, स्वच्छता और समय पर उपचार से संक्रमण को फैलने से रोका जा सकता है।