अपना घर आश्रम ने 122वें प्रभुजी को परिवार से मिलाया, 2010 में घर से बिछड़े थे शेखर
उदयपुर, 23 अक्टूबर: सोलह साल से बिछड़े बेटे को सामने देखकर पिता की आंखें नम हो गईं। अपना घर आश्रम उदयपुर के प्रयासों से शेखर शुक्ला का अपने पिता और भाइयों से भावुक मिलन हुआ। आश्रम ने पुनर्वास सेवा के तहत 122वें प्रभुजी को परिवार से मिलाया।
आश्रम अध्यक्ष गोपाल कनेरिया ने बताया कि 17 अप्रैल 2026 को शेखर खेरवाड़ा क्षेत्र में लावारिस अवस्था में मिले थे। आश्रम में उपचार, देखभाल और काउंसलिंग के दौरान उन्होंने अपने गांव और परिवार की जानकारी दी। इसके बाद सोशल मीडिया के माध्यम से मध्यप्रदेश के सागर जिले में परिजनों की तलाश शुरू की गई। प्रयासों से उनके बड़े भाई शैलेश शुक्ला से संपर्क हुआ।
बेटे को पाकर भावुक हुए पिता
शेखर के पिता संतोष शुक्ला और भाई शरद व अमित उन्हें लेने उदयपुर पहुंचे। पिता ने बताया कि मानसिक स्थिति ठीक नहीं होने के कारण शेखर फरवरी 2010 में घर से चले गए थे। वर्षों की तलाश के बाद बेटे को पाकर उन्होंने आश्रम का आभार जताया। आश्रम की औपचारिकताएं पूरी होने पर अध्यक्ष गोपाल कनेरिया, प्रकाश जोशी और बंसीलाल कुम्हार ने शेखर को तिलक, पगड़ी और ऊपरना पहनाकर विदाई दी। इसके बाद वे परिवार के साथ सागर जिले के मरदापुर गांव रवाना हुए।