20 हेक्टेयर क्षेत्र में नई तकनीक का प्रयोग, सितंबर में होगा पहला सर्वे
चित्तौड़गढ़, 6 जुलाई: बस्सी वन्यजीव अभयारण्य में जंगलों को फिर से हरा-भरा बनाने के लिए वन विभाग ने पहली बार ड्रोन तकनीक का उपयोग किया है। बिछोर नाका क्षेत्र की दुर्गम पहाड़ियों पर करीब 7 हजार सीड बॉल, 20 से 25 किलो स्थानीय पौधों के बीज और 30 से 35 किलो घास के बीजों का छिड़काव किया गया। अभियान डीएफओ राहुल झाझरिया के निर्देशन में 20 हेक्टेयर क्षेत्र में चलाया गया, जहां हरियाली बेहद कम है। एसीएफ यशवंत कंवर ने बताया कि पहले मिट्टी और सूखी घास से सीड बॉल तैयार कर उनमें खैर, बेर सहित स्थानीय प्रजातियों के बीज भरे गए, फिर 27-28 जून को ड्रोन से उनका वितरण किया गया। 60 से 70 डिग्री ढलान वाली पहाड़ियों पर सामान्य पौधरोपण संभव नहीं होने से ड्रोन को सबसे उपयुक्त विकल्प माना गया। सितंबर 2026 में पहला सर्वे और फरवरी 2027 में दूसरा सर्वे कर अंकुरण व सफलता का आकलन किया जाएगा। सफल रहने पर यह तकनीक अन्य वन क्षेत्रों में भी अपनाई जाएगी।