संसद में राजकुमार रोत पर तीखा हमला, संविधान के रास्ते पर चलने की दी नसीहत
उदयपुर, 31 मार्च: अमित शाह ने लोकसभा में डूंगरपुर-बांसवाड़ा से सांसद राजकुमार रोत पर तीखा प्रहार करते हुए कहा कि संविधान और कानून का राज ही उन्हें संसद तक लेकर आया है।
सदन की कार्यवाही के दौरान शाह ने दो टूक कहा कि यदि राजकुमार रोत ने लोकतांत्रिक रास्ता छोड़कर हथियार उठाए होते, तो वे आज सांसद नहीं बल्कि सरेंडर करने वालों की सूची में शामिल होते। उन्होंने स्पष्ट किया कि मोदी सरकार में हथियार उठाने वालों को किसी भी हालत में बख्शा नहीं जाएगा।
अमित शाह ने कहा कि देश का संविधान हर नागरिक को न्याय पाने का पूरा अधिकार देता है। अदालतों, विधानसभाओं और पंचायत स्तर तक मजबूत व्यवस्था मौजूद है, ऐसे में हिंसात्मक रास्ता अपनाना पूरी तरह अस्वीकार्य है।
उन्होंने कांग्रेस और उसकी नीतियों पर भी निशाना साधते हुए कहा कि आदिवासी समाज के पिछड़ेपन के लिए कांग्रेस जिम्मेदार है। शाह ने सवाल उठाया कि दशकों तक सत्ता में रहने के बावजूद आदिवासियों के विकास के लिए ठोस प्रयास क्यों नहीं किए गए।
केंद्रीय गृह मंत्री ने कहा कि वर्तमान सरकार आदिवासी क्षेत्रों में पक्का मकान, बिजली, पानी और शिक्षा जैसी मूलभूत सुविधाएं पहुंचा रही है। साथ ही उन्होंने बीएपी की विचारधारा पर भी सवाल खड़े करते हुए कहा कि कुछ लोग वोट बैंक की राजनीति के चलते गलत संदेश दे रहे हैं।