फतहसागर तक खिलखिलाई आधी दुनिया, उदयपुर में लगा दुनिया का अनोखा महिला मेला

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उदयपुर, 13 अगस्त: हरियाली अमावस्या के दूसरे दिन उदयपुर की सड़कों और झील किनारे का नजारा दुनिया के अनोखे महिला उत्सव की तस्वीर पेश करता नजर आया। सहेलियों की बाड़ी से फतहसागर की पाल तक सिर्फ महिलाओं की भीड़, खिलखिलाहट और उत्सव के रंग दिखाई दिए। यहां दादी-पोती, मां-बेटी, सास-बहू से लेकर युवतियों तक हर उम्र की महिलाएं एक साथ मेले का आनंद लेने पहुंचीं। उदयपुर का यह पारंपरिक महिला मेला अपनी विशिष्टता के कारण देश-दुनिया में अलग पहचान रखता है।
मेले में 650 से अधिक दुकानें सजीं। साज-शृंगार, आभूषण, पारंपरिक परिधान और हस्तशिल्प की दुकानों पर महिलाओं की भीड़ रही। डोलर, चकरी और विभिन्न झूलों पर महिलाओं और बच्चों ने जमकर मस्ती की। भुट्टे, मालपुए और कुल्फी जैसे पारंपरिक व्यंजनों ने मेले के आनंद को और बढ़ा दिया।
डेढ़ किमी पैदल चलकर भी उत्साह बरकरार
भीड़ को नियंत्रित करने के लिए 15 से अधिक स्थानों पर प्रवेश बंद किया गया। इसके कारण कई महिलाओं को करीब डेढ़ किलोमीटर पैदल चलना पड़ा, लेकिन उत्साह कम नहीं हुआ। समूहों में गीत-संगीत, हंसी-ठिठोली और सेल्फी का दौर चलता रहा।
सिर्फ मेला नहीं, पीढ़ियों का मिलन
यह आयोजन खरीदारी और मनोरंजन से कहीं आगे महिलाओं की सामूहिक खुशी और सामाजिक मेलजोल का उत्सव बन गया। यही वजह है कि हरियाली अमावस्या का यह महिला मेला उदयपुर की ऐसी विशिष्ट परंपरा है, जिसमें शहर की आधी आबादी एक साथ उमड़कर संस्कृति, रिश्तों और उल्लास का जश्न मनाती है।