कहा- पूरी अकाउंट ब्लॉक करना गलत, केवल विवादित राशि तक ही रोक जायज
उदयपुर से जुड़ा है मामला
उदयपुर, 30 मार्च: फिल्म निर्माता श्वेतांबरी विक्रम भट्ट के बैंक खातों को फ्रीज करने के मामले में हाईकोर्ट ने अहम फैसला सुनाते हुए जांच एजेंसियों की कार्रवाई पर सख्त टिप्पणी की है। कोर्ट ने कहा कि पूरे बैंक खाते को ब्लॉक करना अनुचित है और केवल विवादित राशि तक ही रोक लगाई जा सकती है।
44 करोड़ के लेनदेन विवाद में मामला दर्ज
मामला उदयपुर के डॉ. अजय मुरडिया द्वारा दर्ज एफआईआर से जुड़ा है, जिसमें करीब 30 करोड़ रुपए की धोखाधड़ी का आरोप लगाया गया है। फिल्मों के निर्माण के नाम पर 44.28 करोड़ रुपए के लेनदेन का विवाद सामने आया, जिसमें फर्जी बिलिंग और गबन के आरोप लगाए गए हैं।
कोर्ट ने बताया ‘असाधारण उपाय’
जस्टिस फरजंद अली की अदालत ने कहा कि बैंक खाते फ्रीज करना एक असाधारण कदम है, जिसे बेहद सावधानी और कानूनी प्रक्रिया के तहत ही अपनाया जाना चाहिए। बिना स्पष्ट आधार पूरे खाते को ब्लॉक करना मौलिक अधिकारों का उल्लंघन है।
30 करोड़ तक ही रोक, बाकी खाते चालू
कोर्ट ने निर्देश दिया कि केवल 30 करोड़ रुपए की विवादित राशि तक ही डेबिट फ्रीज रखा जाए। साथ ही एचडीएफसी और आईडीएफसी बैंक की शाखाओं को याचिकाकर्ताओं के खातों को तुरंत डी-फ्रीज करने के आदेश दिए गए हैं।