कुमार विश्वास ने आस्था और व्यापार का अनोखा संबंध समझाया, बोले— भगवान को सेठ मानते हैं व्यापारी
चित्तौड़गढ़, 30 मार्च : प्रसिद्ध कवि कुमार विश्वास ने अपने प्रवचन में आस्था और सफलता के गहरे संबंध को सरल उदाहरणों से समझाते हुए कहा कि यदि व्यक्ति अपने कार्य में ईश्वर को ‘पार्टनर’ बना ले, तो सफलता स्वतः बढ़ने लगती है। उन्होंने सांवलिया सेठ मंदिर का उदाहरण देते हुए बताया कि यहां भगवान श्रीकृष्ण को ‘सेठ’ के रूप में पूजा जाता है और व्यापारी उन्हें अपने व्यापार में हिस्सेदार मानते हैं।
शेयर मार्केट से जोड़ा आध्यात्मिक सिद्धांत
प्रवचन के दौरान उन्होंने इस परंपरा को आधुनिक शेयर बाजार से जोड़ते हुए कहा कि जैसे किसी कंपनी में बड़ा निवेशक जुड़ने से उसकी वैल्यू बढ़ती है, वैसे ही जब व्यक्ति अपने कार्य में ईश्वर को शामिल करता है, तो उसके काम की सफलता और महत्व कई गुना बढ़ जाता है।
मंगलाचरण की परंपरा पर दिया जोर
उन्होंने प्रवचन की शुरुआत “वर्णानामर्थसंघानां…” श्लोक से करते हुए माता सरस्वती और भगवान गणेश का स्मरण किया। उन्होंने कहा कि सनातन परंपरा में हर शुभ कार्य की शुरुआत ईश्वर के स्मरण से करने से सकारात्मक ऊर्जा मिलती है और कार्य निर्विघ्न पूरा होता है।
व्यापार में आस्था की भूमिका
कुमार विश्वास ने कहा कि मारवाड़ और गुजरात के कई व्यापारी अपनी आय का हिस्सा भगवान को अर्पित कर उन्हें साझेदार मानते हैं। यही आस्था व्यक्ति को कठिन समय में भी सकारात्मक बनाए रखती है और सफलता की राह आसान करती है।