देबारी स्मेल्टर प्लांट से 41 इलेक्ट्रिक बसों को हरी झंडी, 11 हजार टन कार्बन उत्सर्जन घटाने का लक्ष्य
उदयपुर, 20 अप्रैल: हिन्दुस्तान जिंक लिमिटेड ने राजस्थान में ग्रीन मोबिलिटी की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए अपने उदयपुर स्थित देबारी स्मेल्टर प्लांट में राज्य की पहली और सबसे बड़ी इलेक्ट्रिक बस सेवा शुरू कर दी है। कंपनी ने कर्मचारियों के आवागमन के लिए 41 इलेक्ट्रिक बसों के संचालन की शुरुआत की है। इस पहल से आने वाले वर्षों में 11 हजार टन से अधिक कार्बन उत्सर्जन कम होने का अनुमान है, जिससे पर्यावरण संरक्षण को नई गति मिलेगी।
विश्व की अग्रणी जिंक और चांदी उत्पादक कंपनी हिन्दुस्तान जिंक ने यह पहल एनवायरो व्हील्स मोबिलिटी प्राइवेट लिमिटेड के सहयोग से शुरू की है। अब तक कर्मचारियों के परिवहन के लिए डीजल बसों का उपयोग किया जाता था, लेकिन इलेक्ट्रिक बसों के संचालन से प्रदूषण में उल्लेखनीय कमी आएगी। कंपनी का कहना है कि यह कदम उसके स्कोप-3 उत्सर्जन को कम करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
कंपनी के सीईओ अरुण मिश्रा ने कहा कि औद्योगिक विकास के साथ पर्यावरणीय जिम्मेदारी निभाना कम्पनी की प्राथमिकता है। उन्होंने बताया कि हिन्दुस्तान जिंक का लक्ष्य वर्ष 2050 या उससे पहले नेट-जीरो कार्बन उत्सर्जन हासिल करना है। इलेक्ट्रिक बसों की शुरुआत इसी रणनीति का हिस्सा है, जिससे एक स्वच्छ और सुरक्षित औद्योगिक परिवेश विकसित किया जा सके।
कंपनी ने पिछले वर्षों में अक्षय ऊर्जा के उपयोग को बढ़ावा देते हुए अपने कुल ऊर्जा मिश्रण में रिन्यूएबल एनर्जी की हिस्सेदारी लगभग 18 प्रतिशत तक पहुंचा दी है। साथ ही 530 मेगावॉट रिन्यूएबल एनर्जी सप्लाई के लिए एमओयू भी किया गया है। एसएंडपी ग्लोबल कॉर्पोरेट सस्टेनेबिलिटी असेसमेंट 2025 में लगातार तीसरे वर्ष दुनिया की सबसे सस्टेनेबल मेटल एवं माइनिंग कंपनी चुनी गई हिन्दुस्तान जिंक की यह पहल राज्य में हरित परिवहन को नई दिशा देगी।