राजसमंद विधायक बोलीं- महिलाओं को 33% आरक्षण से रोकना उनकी राजनीतिक भागीदारी दबाने की कोशिश
उदयपुर, 20 अप्रैल: राजसमंद विधायक दीप्ति माहेश्वरी ने महिलाओं के राजनीतिक अधिकारों के मुद्दे पर विपक्ष पर तीखा हमला बोलते हुए उसे “महिला विरोधी मानसिकता” वाला करार दिया। उन्होंने कहा कि विपक्ष महिलाओं को उनका अधिकार देने के बजाय उन्हें नेतृत्व से दूर रखना चाहता है, ताकि उनकी भागीदारी सीमित बनी रहे। माहेश्वरी ने कहा कि महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण देने वाले नारी शक्ति वंदन अधिनियम का विरोध यह साबित करता है कि विपक्ष महिलाओं को आगे बढ़ते नहीं देखना चाहता।
उदयपुर के पटेल सर्किल स्थित भाजपा कार्यालय में आयोजित प्रेसवार्ता में विधायक माहेश्वरी ने कहा कि महिलाओं को नेतृत्व से दूर रखना विपक्ष की पुरानी सोच को दर्शाता है। उन्होंने पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी का नाम लेते हुए कहा कि यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि एक महिला मुख्यमंत्री ने भी महिलाओं के हित में लाए गए बिल का विरोध किया।
माहेश्वरी ने कहा कि यदि महिलाओं को नेतृत्व का अवसर मिलेगा तो शासन व्यवस्था अधिक पारदर्शी होगी और भ्रष्टाचार में भी कमी आएगी। उनके अनुसार, महिलाएं निर्णय प्रक्रिया में आएंगी तो विकास और संवेदनशीलता दोनों मजबूत होंगे।
भाजपा संगठन में महिलाओं की सुरक्षा और सम्मान को लेकर उठे सवालों पर उन्होंने कहा कि पार्टी में महिलाओं को बराबरी के अवसर दिए जा रहे हैं और सुरक्षा संबंधी आरोप केवल भ्रम फैलाने की कोशिश हैं। उन्होंने दावा किया कि भाजपा में महिलाओं की भागीदारी लगातार बढ़ रही है और संगठन उन्हें आगे बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध है।
माहेश्वरी ने कहा कि महिलाओं के अधिकारों की यह लड़ाई जारी रहेगी, और विपक्ष की बाधाओं के बावजूद महिलाओं को उनका हक दिलाने के प्रयास नहीं रुकेंगे। इस दौरान भाजपा की कई महिला पदाधिकारी भी मौजूद रहीं।