बनाई मूंग के दाने से भी छोटी भगवान जगन्नाथ की प्रतिमा

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कला: उदयपुर के शिल्पकार ने बनाया एक सेंटीमीटर का रथ
36 घंटे की मेहनत से तैयार सोने-चांदी की अनूठी कलाकृति, पुरी मंदिर को भेंट करने की इच्छा
उदयपुर, 6 जुलाई:
भगवान जगन्नाथ की रथयात्रा के अवसर पर उदयपुर के अंतरराष्ट्रीय शिल्पकार डॉ. इकबाल सक्का ने महज 1×1 सेंटीमीटर आकार का सोने-चांदी का रथ बनाकर विश्व का सबसे छोटा रथ बनाने का दावा किया है। यह अनूठी कलाकृति न केवल उनकी बारीक शिल्पकला का उदाहरण है, बल्कि सांप्रदायिक सौहार्द और राष्ट्रीय एकता का संदेश भी देती है।
डॉ. सक्का, जिनके नाम 211 विश्व रिकॉर्ड दर्ज हैं, इस रथ को पुरी स्थित श्री जगन्नाथ मंदिर को भेंट करना चाहते हैं। इसके लिए उन्होंने मंदिर ट्रस्ट को पत्र भी भेजा है और अनुमति मिलने पर स्वयं रथ लेकर पुरी जाएंगे।
रथ में चांदी से बना एक सेंटीमीटर का मंदिर, एक मिलीमीटर का कलश और शीर्ष पर केसरिया ध्वज लगाया गया है, जिस पर अत्यंत सूक्ष्म अक्षरों में ‘ॐ’ अंकित है। रथ के भीतर स्थापित भगवान जगन्नाथ की प्रतिमा मूंग के दाने से भी छोटी है, जिसे खुली आंखों से देख पाना लगभग असंभव है। इसे देखने के लिए लेंस की आवश्यकता पड़ती है। रथ के आगे एक सेंटीमीटर का चांदी का घोड़ा भी बनाया गया है।
सात ग्राम चांदी और 300 मिलीग्राम सोने का उपयोग
डॉ. सक्का ने बताया कि इस कलाकृति को बनाने में 7 ग्राम चांदी और 300 मिलीग्राम सोने का उपयोग हुआ तथा इसे तैयार करने में लगातार 36 घंटे लगे। उन्होंने दावा किया कि इससे पहले ओडिशा के भुवनेश्वर के एक कलाकार द्वारा बनाया गया 3×2 सेंटीमीटर का रथ अंतरराष्ट्रीय रिकॉर्ड में दर्ज था। अब 1×1 सेंटीमीटर का यह रथ उस रिकॉर्ड से भी छोटा है और इसे नए विश्व रिकॉर्ड के रूप में मान्यता मिलने की उम्मीद है।