डेयरी-फूड उद्योग के अंतरराष्ट्रीय सेमिनार में 500 से अधिक विशेषज्ञ शामिल
उदयपुर, 24 अक्टूबर: खाद्य एवं डेयरी उद्योग में वैश्विक सफलता के लिए अनुसंधान, नवाचार और गुणवत्ता को प्राथमिकता देना जरूरी है। यह बात हल्दीराम के प्रतिनिधि विनय दीक्षित ने शनिवार को महाराणा प्रताप सभागार में आयोजित दो दिवसीय अंतरराष्ट्रीय सेमिनार के उद्घाटन सत्र में कही।
कॉलेज ऑफ डेयरी एंड फूड टेक्नोलॉजी (सीडीएफटी), उदयपुर और सीडीएफटी एलुमनाई एसोसिएशन के संयुक्त तत्वावधान में ‘इनोवेशन, टेक्नोलॉजी, स्टार्टअप एवं सस्टेनेबिलिटी—खाद्य एवं डेयरी उद्योग का अगला दशक’ विषय पर आयोजित सेमिनार में देश-विदेश के 500 से अधिक वैज्ञानिक, शोधार्थी और औद्योगिक प्रतिनिधि भाग ले रहे हैं।
दीक्षित ने हल्दीराम की व्यावसायिक यात्रा और 90 देशों तक विस्तार का उल्लेख करते हुए उत्पादों में निरंतर नवाचार को सफलता का आधार बताया। तिरुपति ग्रुप के अशोक गोयल ने अनुसंधान आधारित उत्पादों और उद्यमिता के अनुभव साझा किए।
अध्यक्षता करते हुए एमपीयूएटी के कुलगुरु डॉ. प्रताप सिंह ने कहा कि विकसित भारत के लक्ष्य में खाद्य एवं डेयरी उद्योग की महत्वपूर्ण भूमिका रहेगी। उन्होंने विद्यार्थियों से आधुनिक तकनीक, कौशल विकास और स्टार्टअप के अवसर अपनाने का आह्वान किया।
पोंटिका ग्रुप की अलका गोयल ने उद्यमिता का अनुभव साझा किया। कार्यक्रम में खाद्य एवं डेयरी क्षेत्र के अनुसंधान, तकनीक और भविष्य की संभावनाओं पर आधारित स्मारिका का विमोचन भी किया गया।