बैंक को 32 हजार रुपए क्षतिपूर्ति देने के निर्देश, देरी पर 9 प्रतिशत ब्याज
उदयपुर, 24 अक्टूबर: स्थायी लोक अदालत ने मृत मां के बैंक खातों में जमा राशि उनके पुत्र को ब्याज सहित देने के आदेश दिए हैं। अदालत ने बैंक को मानसिक संताप के लिए 21 हजार और परिवाद व्यय के रूप में 11 हजार रुपए भी अदा करने के निर्देश दिए हैं। एक माह में आदेश की पालना नहीं होने पर निर्धारित शर्तों के अनुसार 9 प्रतिशत वार्षिक ब्याज देना होगा।
प्रकरण के अनुसार सेंट्रल एरिया निवासी संजय पालीवाल ने अपनी दिवंगत माता मनोहर देवी के बैंक ऑफ बड़ौदा की कृषि मंडी मार्केट यार्ड शाखा में जमा राशि के भुगतान की मांग को लेकर स्थायी लोक अदालत में परिवाद प्रस्तुत किया था। मनोहर देवी का निधन 1 अप्रैल 2021 को हुआ था। पुत्र ने पंजीकृत वसीयत के आधार पर राशि मांगी थी।
बैंक ने 14 अक्टूबर 2021 को पत्र जारी कर प्रोबेट प्रमाणपत्र प्रस्तुत करने को कहा। परिवादी के अधिवक्ताओं श्रीराम शाकद्वीपी और भेरूलाल गायरी ने जवाब में राजस्थान में प्रोबेट की आवश्यकता नहीं होने का तर्क देते हुए उच्च न्यायालय के निर्णय पेश किए। इसके बावजूद भुगतान नहीं हुआ।
दस्तावेजों और तथ्यों पर विचार के बाद अदालत ने बैंक को जमा राशि तथा उस पर देय ब्याज का भुगतान करने का आदेश दिया। निर्धारित अवधि में आदेश की पालना नहीं होने पर जमा राशि पर 21 अक्टूबर 2021 से वास्तविक वसूली तक 9 प्रतिशत वार्षिक ब्याज देय होगा।