चार प्रसूताओं की मौत की जांच तेज, जयपुर से पहुंची विशेषज्ञ टीम ने खंगाले रिकॉर्ड

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गायनिक वार्ड का किया निरीक्षण, मेडिकल रिकॉर्ड कब्जे में लेकर डॉक्टरों और नर्सिंग स्टाफ से जुटाई जानकारी
बांसवाड़ा, 12 जुलाई:
महात्मा गांधी अस्पताल में 7 से 10 जुलाई के बीच हुई चार प्रसूताओं की मौत के मामले की जांच अब तेज हो गई है। रविवार को जयपुर से वरिष्ठ चिकित्सकों और विशेषज्ञों की विशेष टीम बांसवाड़ा पहुंची और सीधे अस्पताल के गायनिक वार्ड का निरीक्षण कर घटनाक्रम की बारीकी से पड़ताल शुरू की।
विशेषज्ञ दल ने वार्ड की व्यवस्थाओं, उपचार प्रक्रिया और मृतक प्रसूताओं की केस फाइलों की जांच की। टीम ने संबंधित मेडिकल रिकॉर्ड अपने कब्जे में लेकर उनका गहन परीक्षण शुरू कर दिया है। इसके बाद प्रमुख चिकित्सा अधिकारी (पीएमओ) के कक्ष में उच्च स्तरीय बैठक आयोजित कर गायनिक विशेषज्ञों और अन्य अधिकारियों से विस्तृत जानकारी ली गई।
जांच दल के प्रमुख सदस्य एवं वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. अभिनव अग्रवाल ने बताया कि प्रमुख शासन सचिव, स्वास्थ्य के निर्देश पर पूरे मामले की हर पहलू से जांच की जा रही है। फिलहाल मौतों के कारणों को लेकर कोई निष्कर्ष निकालना जल्दबाजी होगी। सभी चिकित्सकों और संबंधित कार्मिकों से पूछताछ तथा रिकॉर्ड की जांच पूरी होने के बाद ही वास्तविक कारण स्पष्ट हो सकेंगे।
उधर, अस्पताल के गायनिक डॉक्टरों और नर्सिंग स्टाफ से भी पूछताछ कर आवश्यक तथ्य जुटाए जा रहे हैं। अब जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की नजर विशेषज्ञ टीम की अंतिम रिपोर्ट पर टिकी है, जिसके आधार पर लापरवाही पाए जाने पर जिम्मेदारों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

जांच के प्रमुख बिंदु
7 से 10 जुलाई के बीच चार प्रसूताओं की हुई थी मौत
जयपुर से पहुंची विशेषज्ञ चिकित्सकों की विशेष टीम
गायनिक वार्ड, उपचार प्रक्रिया और मेडिकल रिकॉर्ड की जांच
डॉक्टरों और नर्सिंग स्टाफ से की जा रही पूछताछ
जांच रिपोर्ट के आधार पर तय होगी आगे की कार्रवाई।