बांसवाड़ा, 13 जुलाई: महात्मा गांधी अस्पताल में 7 से 10 जुलाई के बीच चार प्रसूताओं की मौत के मामले में जांच के लिए जयपुर से पहुंची विशेषज्ञ टीम ने प्रारंभिक जांच में ऑपरेशन थियेटर (ओटी) को सुरक्षित बताया है। शुरुआती रिपोर्ट के अनुसार प्रसूताओं में गंभीर रक्ताल्पता (एनीमिया) मौत का एक प्रमुख कारण सामने आया है। हालांकि अंतिम रिपोर्ट आने के बाद ही पूरे मामले की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
मेडिकल रिकॉर्ड और केस फाइलों की गहन पड़ताल
जयपुर से आई विशेषज्ञ टीम ने अस्पताल में प्रसूताओं के उपचार की पूरी प्रक्रिया, केस फाइलों और संबंधित मेडिकल रिकॉर्ड को अपने कब्जे में लेकर बारीकी से जांचा। इसके बाद पीएमओ कक्ष में उच्च स्तरीय बैठक आयोजित की गई, जिसमें गायनिक विशेषज्ञों, चिकित्सकों और अन्य अधिकारियों से घटना से जुड़े तथ्यों की विस्तृत जानकारी ली गई।
डॉक्टरों और स्टाफ से भी पूछताछ
जांच दल के मुख्य सदस्य एवं वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. अभिनव अग्रवाल ने बताया कि प्रमुख शासन सचिव (स्वास्थ्य) के निर्देश पर हर पहलू की गहन जांच की जा रही है। प्रारंभिक निष्कर्षों में ऑपरेशन थियेटर में कोई तकनीकी कमी नहीं मिली है, लेकिन प्रसूताओं में खून की कमी चिंताजनक स्थिति है। उन्होंने कहा कि सरकारी योजनाओं के बावजूद गर्भवती महिलाओं में एनीमिया गंभीर विषय है।
रिपोर्ट के बाद तय होगी कार्रवाई
विशेषज्ञ दल ने गायनिक वार्ड में कार्यरत डॉक्टरों और नर्सिंग स्टाफ से भी पूछताछ कर आवश्यक तथ्य जुटा लिए हैं। जांच रिपोर्ट जल्द ही प्रमुख शासन सचिव को सौंपी जाएगी। इसके आधार पर आगे की कार्रवाई और जवाबदेही तय की जाएगी।