उदयपुर : विज्ञान समिति के दर्शन विज्ञान प्रकोष्ठ के तत्वावधान में शोधार्थी सुशांत जैन ने “अनेकान्त एवं स्यादवाद: विश्व शांति का विकल्प” विषय पर व्याख्यान दिया। उन्होंने आगमिक संदर्भों के माध्यम से अनेकान्त और स्यादवाद की उपयोगिता बताते हुए दैनिक जीवन तथा वैश्विक परिदृश्य में इनके महत्व को रेखांकित किया। मीडिया प्रभारी प्रो. विमल शर्मा ने कहा कि बढ़ती वैचारिक कट्टरता और सामाजिक तनाव के दौर में ये सिद्धांत सहिष्णुता, संवाद और समन्वय का मार्ग दिखाते हैं। कार्यक्रम की अध्यक्षता डॉ. श्यामलाल गोदावत ने की। चर्चा में कई विद्वानों ने भाग लिया तथा लोकतांत्रिक संवाद और वैश्विक सद्भाव के लिए इन सिद्धांतों को महत्वपूर्ण बताया।