उदयपुर में लेपर्ड का खूनी आतंक, 5 लोगों को दबोचा; एक की मौत

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24 घंटे में चार हमले, पहले घायल ग्रामीण ने तोड़ा दम; 4-5 मिनट तक ग्रामीणों पर झपटा लेपर्ड, 10 घरों के 15 लोगों को शिफ्ट करने की तैयारी
उदयपुर, 26 अगस्त :
उदयपुर के उमरड़ा खेड़ा गांव में लेपर्ड के लगातार हमलों ने ग्रामीणों में दहशत पैदा कर दी है। पिछले 24 घंटे में लेपर्ड ने पांच लोगों को अपना शिकार बनाया। इनमें चार लोग बुधवार को घायल हुए, जबकि मंगलवार शाम हमले में घायल एक ग्रामीण की बुधवार शाम एमबी अस्पताल में उपचार के दौरान मौत हो गई। आबादी क्षेत्र के आसपास लगातार घूम रहे लेपर्ड के कारण ग्रामीणों को घरों से बाहर निकलने में भी डर लग रहा है।
सुबह तीन ग्रामीणों पर किया हमला
बुधवार सुबह करीब 6 बजे लेपर्ड ने जग्गा मीणा (60), हितेश (20) और कालू (40) पर हमला कर दिया। ग्रामीणों के अनुसार लेपर्ड करीब चार-पांच मिनट तक तीनों पर पंजों से हमला करता रहा। उसने एक ग्रामीण के चेहरे और सिर पर कई वार किए, जबकि शरीर के अन्य हिस्सों को भी नोच दिया। घायलों के शोर मचाने और ग्रामीणों के मौके पर पहुंचने के बाद लेपर्ड जंगल की ओर भाग गया।
चारा लेने निकली महिला पर भी झपटा
सुबह की घटना के बाद वन एवं राजस्व विभाग की टीम ने ग्रामीणों को घरों से बाहर नहीं निकलने की हिदायत दी थी। इसके बावजूद दोपहर करीब 1 बजे चारा लेने निकली लोगरी बाई (45) पर रास्ते में लेपर्ड ने हमला कर दिया। महिला के शोर मचाने पर आसपास मौजूद वन एवं राजस्वकर्मी मौके पर पहुंचे, जिसके बाद लेपर्ड भाग गया।
मंगलवार को घायल ग्रामीण की मौत
मंगलवार शाम करीब 6 बजे घर के बाहर बैठे लोगर लाल मीणा (45) पर भी लेपर्ड ने हमला किया था। उसके सिर और शरीर पर पंजों से कई वार किए गए थे। गंभीर हालत में एमबी अस्पताल में भर्ती लोगर लाल की बुधवार शाम उपचार के दौरान मौत हो गई।
पलंग पर लादकर पहाड़ी से नीचे लाए घायल
पहाड़ी क्षेत्र में वाहन नहीं पहुंच पाने के कारण ग्रामीणों ने घायलों को पलंग पर लिटाया और पहाड़ी से नीचे सड़क तक लेकर आए। इसके बाद उन्हें अस्पताल पहुंचाया गया। सूचना पर गिर्वा तहसीलदार गणेश कुमार विजयवर्गीय और पटवारी महेंद्र सिंह चौहान भी अस्पताल पहुंचे और घायलों से जानकारी ली।
10 घरों के 15 लोगों को सुरक्षित स्थान पर करेंगे शिफ्ट
वन विभाग ने लेपर्ड के रेस्क्यू की तैयारी शुरू कर दी है। सुरक्षा के लिहाज से करीब 10 घरों में रहने वाले लगभग 15 लोगों को नजदीकी स्कूल या किसी अन्य सुरक्षित स्थान पर शिफ्ट करने की तैयारी की जा रही है। इसके बाद वन विभाग क्षेत्र में रेस्क्यू अभियान चलाएगा।