3 महीने से बीमार थी साढ़े 5 साल की एशियाटिक शेरनी; 21 अगस्त को फिर बिगड़ी तबीयत, रविवार दोपहर अचानक तोड़ा दम
उदयपुर, 23 अगस्त: सज्जनगढ़ लॉयन सफारी में रविवार को साढ़े 5 साल की मादा एशियाटिक शेरनी ‘सुनैना’ की मौत हो गई। सुनैना पिछले करीब तीन महीने से बीमार थी और 24 मई से पशु चिकित्सकों की निगरानी में उसका लगातार उपचार चल रहा था। रविवार दोपहर अचानक उसकी हालत गंभीर हुई और उसने दम तोड़ दिया। मौत के बाद तीन सदस्यीय मेडिकल बोर्ड ने पोस्टमॉर्टम किया। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के वास्तविक कारण स्पष्ट हो सकेंगे।
सुनैना की मौत के बाद सज्जनगढ़ लॉयन सफारी में अब केवल नर एशियाटिक लायन ‘सम्राट’ रह गया है। खास बात यह है कि इसी वर्ष 16 फरवरी को लॉयन सफारी शुरू की गई थी और शुरुआत में सुनैना व सम्राट दोनों को यहां शिफ्ट किया गया था। सफारी शुरू होने के महज छह महीने में एक शेरनी की मौत ने वन्यजीव प्रेमियों और सफारी प्रबंधन के सामने कई सवाल खड़े कर दिए हैं।
एक महीने तक दिखा था सुधार, फिर अचानक बिगड़ी हालत
वन विभाग के अनुसार 21 जुलाई से 20 अगस्त तक सुनैना नियमित रूप से पूरा भोजन ले रही थी और उपचार का सकारात्मक असर दिखाई दे रहा था। उसकी सेहत में सुधार दर्ज किया गया था।
लेकिन 21 अगस्त की सुबह उसने भोजन का केवल कुछ हिस्सा ही लिया। केयरटेकर की सूचना के बाद मेडिकल टीम ने तत्काल रक्त के नमूने लिए और जांच के आधार पर उपचार शुरू किया। 22 और 23 अगस्त को भी रिपोर्ट के अनुसार दवाइयां और जरूरी उपचार दिया गया। इसके बावजूद रविवार दोपहर अचानक उसकी हालत बिगड़ गई और उसकी मौत हो गई।
तीन सदस्यीय मेडिकल बोर्ड ने किया पोस्टमॉर्टम
सुनैना की मौत के बाद पोस्टमॉर्टम के लिए तीन सदस्यीय मेडिकल बोर्ड गठित किया गया। बोर्ड में डॉ. शैलेन्द्र शुक्ला, डॉ. महेन्द्र मेहता और डॉ. हिमांशु व्यास शामिल रहे। बोर्ड ने शाम करीब 4:30 बजे पोस्टमॉर्टम की प्रक्रिया शुरू की।
सफारी परिसर में किया अंतिम संस्कार
पोस्टमॉर्टम के बाद रविवार शाम करीब 6 बजे सज्जनगढ़ जैविक उद्यान परिसर स्थित निर्धारित श्मशान स्थल पर सुनैना का अंतिम संस्कार किया गया। इस दौरान मुख्य वन संरक्षक (वन्यजीव) मुकेश सैनी, क्षेत्रीय वन अधिकारी प्रभुलाल मीणा, सहायक उप निरीक्षक योगेश कुमार, पटवारी गिरधर सिंह राजपूत सहित जैविक उद्यान का स्टाफ और स्थानीय ईडीसी सदस्य मौजूद रहे।
अब बड़ा सवाल—मौत की वजह क्या?
सुनैना करीब तीन महीने से बीमारी से जूझ रही थी। उपचार के दौरान एक महीने तक सुधार भी हुआ, लेकिन अचानक उसकी हालत बिगड़ने के बाद मौत हो गई। ऐसे में अब सबसे महत्वपूर्ण सवाल पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट पर टिका है। रिपोर्ट से यह स्पष्ट होगा कि सुनैना की मौत बीमारी के कारण हुई या इसके पीछे कोई अन्य चिकित्सकीय कारण था।