उदयपुर, 24 अगस्त: पूज्य श्री झूलेलाल सिंधी सेंट्रल पंचायत के तत्वावधान में आराध्य देव भगवान श्री झूलेलाल जी के पावन चालिया महोत्सव के समापन अवसर पर सोमवार को भव्य बहराणा साहिब यात्रा का आयोजन किया गया। श्रद्धा, आस्था और उल्लास से ओत-प्रोत इस विशाल शोभायात्रा में लगभग 600 से 700 बहराणा साहिब के साथ बड़ी संख्या में महिला-पुरुष श्रद्धालुओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।
यात्रा के दौरान श्रद्धालु भगवान श्री झूलेलाल जी के जयकारों, भजनों एवं धार्मिक गीतों के साथ भक्तिभाव से आगे बढ़ते रहे। मार्ग में जगह-जगह समाजबंधुओं एवं श्रद्धालुओं द्वारा बहराणा साहिब यात्रा का पुष्पवर्षा एवं सेवा-प्रसाद के साथ भव्य स्वागत किया गया। पूरी यात्रा के दौरान वातावरण भगवान श्री झूलेलाल जी की भक्ति, श्रद्धा एवं जयघोष से गुंजायमान रहा।
श्री झूलेलाल सिंधी सेंट्रल पंचायत के अध्यक्ष प्रताप राय चुग ने बताया कि चालिया महोत्सव सिंधी समाज का प्रमुख धार्मिक पर्व है, जिसका समापन बहराणा साहिब की शोभायात्रा एवं विधि-विधानपूर्वक विसर्जन के साथ करने की परंपरा वर्षों से चली आ रही है। उन्होंने कहा कि यह आयोजन समाज की धार्मिक आस्था और परंपराओं को नई पीढ़ी तक पहुंचाने का महत्वपूर्ण माध्यम भी है।
सिंधी समाज जेएसपी अध्यक्ष एवं पूर्व राज्य मंत्री श्री हरीश राजानी ने बताया कि चालिया महोत्सव को लेकर सिंधी समाज के परिवारों में विशेष उत्साह रहता है। महिलाएं एवं पुरुष श्रद्धापूर्वक अपने सिर पर बहराणा साहिब धारण कर शोभायात्रा में शामिल होते हैं। उदयपुर शहर के विभिन्न क्षेत्रों में निवास करने वाले श्रद्धालुओं को कमलाबाड़ी स्थित सिंधी धर्मशाला तक लाने एवं वापस छोड़ने के लिए चार बसों की व्यवस्था की गई थी। ये बसें सेक्टर-9 सुखधाम भवन, सेक्टर-4 झूलेलाल भवन, जवाहर नगर तथा प्रतापनगर शिव मंदिर से श्रद्धालुओं को बहराणा साहिब सहित कमलाबाड़ी लेकर पहुंचीं। श्रद्धालुओं का शाम करीब 5:30 बजे से कमलाबाड़ी पहुंचना प्रारंभ हो गया था।
भव्य बहराणा साहिब यात्रा का शुभारंभ सायं 6:30 बजे , जवाहर नगर में सत्संग प्रवचन करके संत श्री शंभू लाल साईं ने कमलावाड़ी पहुंचकर ऊपर हाल में भगवान श्री झूलेलाल साईं की आरती के साथ शुरुआत की। ढोल बाजे नगाड़ों और डीजे पर सिंधी भजनों और गीतों पर बहराना साहब की विसर्जन की शोभायात्रा शुरु हुई, यात्रा कैलाश कॉलोनी पहुंची, जहां सिंधी समाज की ओर से पुष्पवर्षा कर श्रद्धालुओं एवं बहराणा साहिब का भव्य स्वागत किया गया तथा सेवा-प्रसाद की व्यवस्था की गई। इसके पश्चात शोभायात्रा विभिन्न मार्गों से होती हुई दूध तलाई पहुंची।
दूध तलाई पर समाज के पंडितों द्वारा विधि-विधान एवं पूर्ण श्रद्धाभाव के साथ बहराणा साहिब का पूजन एवं विसर्जन कराया गया। इसी के साथ भगवान श्री झूलेलाल जी के पावन चालिया महोत्सव का विधिवत एवं श्रद्धापूर्वक समापन हुआ।
इस अवसर पर समाज के पदाधिकारियों ने कहा कि चालिया महोत्सव केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि श्रद्धा, सेवा, भाईचारे, सामाजिक एकता और सांस्कृतिक परंपराओं का प्रतीक है। बहराणा साहिब यात्रा में बड़ी संख्या में समाजबंधुओं की सहभागिता ने सिंधी समाज की एकजुटता तथा अपनी गौरवशाली धार्मिक एवं सांस्कृतिक परंपराओं के प्रति समर्पण को प्रदर्शित किया।
सेक्टर-4 से निकली शोभायात्रा का नेतृत्व राहुल निचलानी ने किया। आयोजन को सफल बनाने में लक्षिता साधवानी, रितिका साधवानी, उमेश पुरुसवानी, कपिल कोटाई, पायल मखीजा, नीरज पाहुजा एवं जुबिन खतुरिया सहित अनेक युवा कार्यकर्ताओं ने सक्रिय भूमिका निभाई।
यात्रा की व्यवस्थाओं, मार्ग संचालन, श्रद्धालुओं की सुविधा एवं अन्य तैयारियों में श्री हरीश राजानी, कैलाश नेभनानी, कमलाबाड़ी सिंधी धर्मशाला के अध्यक्ष किशोर सिधवानी, महासचिव राजेश चुग एवं भारत खत्री के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने महत्वपूर्ण योगदान दिया। युवाओं एवं समाजजनों के सामूहिक प्रयासों से बहराणा साहिब यात्रा को सुव्यवस्थित, भव्य एवं सफल स्वरूप प्रदान किया गया।
आयोजन में समाज की विभिन्न प्रमुख एवं मोहल्ला पंचायतों के अध्यक्ष, महासचिव तथा कार्यकारिणी के पदाधिकारी भी शोभायात्रा के साथ जुड़े रहे। इनमें ओमप्रकाश आहूजा, किशन वाधवानी, सुनील कालरा, मुरली राजानी, उमेश मनवानी, उमेश नारा, प्रकाश चंदानी, मनोहर कोरानी, भगवानदास छाबड़ा, सुरेश चावला, गोपाल मेहता, मनोहर खूबचंदानी, हरीश गोलानी, विक्की राजपाल, गिरीश राजानी, कमलेश राजानी, जगदीश निचलानी, हरीश तनवानी सहित अनेक समाजबंधु एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
आयोजन की सफलता पर पूर्व राज्य मंत्री एवं सिंधी समाज जेएसपी अध्यक्ष श्री हरीश राजानी ने श्री झूलेलाल सिंधी सेंट्रल पंचायत की ओर से सभी समाजबंधुओं, महिला-पुरुष श्रद्धालुओं, युवा कार्यकर्ताओं, पदाधिकारियों एवं सहयोगियों का हार्दिक आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि समाज की सामूहिक सहभागिता और सहयोग से ही इस प्रकार के धार्मिक एवं सामाजिक आयोजन भव्य एवं सफल बनते हैं।