राजसमंद, 29 मई: राजसमंद जिले के तकड़ियों का गुड़ा गांव में एक अनोखा मामला सामने आया है, जहां 45 वर्षीय पूनम सिंह का दावा है कि उन्होंने जन्म से अब तक कभी अन्न या फल का सेवन नहीं किया और केवल दूध व सीमित पेय पदार्थों पर ही जीवन यापन कर रहे हैं। उनके अनुसार वे सुबह और शाम एक-एक गिलास दूध लेते हैं और इसी से सामान्य जीवन जी रहे हैं।
पूनम सिंह का कहना है कि 2000 में बीमार पड़ने के बाद डॉक्टरों ने उन्हें अन्न खाने की सलाह दी थी, लेकिन उन्होंने उसे स्वीकार नहीं किया। पिछले 26 वर्षों से वे किसी गंभीर बीमारी से भी दूर रहे हैं। कभी-कभी शादी या सामाजिक कार्यक्रमों में मनुहार के कारण आधा कप चाय पी लेने की बात भी वे स्वीकार करते हैं। ग्रामीण उन्हें “माराज” कहकर सम्मान देते हैं।
परिवार के अनुसार भी पूनम सिंह ने कभी अन्न नहीं खाया। उनके चाचा और भाईयों ने बताया कि कई बार प्रयास करने के बावजूद उन्होंने भोजन स्वीकार नहीं किया। वे सामाजिक कार्यों में सक्रिय रहते हैं लेकिन भोजन नहीं करते।
डॉक्टरों की राय पर उठे सवाल
आरके जिला अस्पताल के पीएमओ डॉ. रमेश रजक का कहना है कि सिर्फ दूध पर लंबे समय तक निर्भर रहना संतुलित आहार नहीं माना जा सकता। इससे शरीर में आयरन, विटामिन सी और फाइबर की कमी होने की संभावना रहती है, जो स्वास्थ्य के लिए नुकसानदायक हो सकती है।
दावे की प्रमुख बातें
45 वर्षों से अन्न का सेवन नहीं
सुबह-शाम केवल दूध पर निर्भरता
26 वर्षों से गंभीर बीमारी नहीं
कभी-कभी चाय और गन्ने का रस सेवन
डॉक्टरों ने इसे दुर्लभ और असामान्य मामला बताया