खनन पट्टों के एक्सटेंशन को लेकर खान निदेशक से मुलाकात

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लंबित मामलों में सकारात्मक सहयोग की मांग, नियमों के पालन का दिया भरोसा
उदयपुर, 1 अप्रैल
: यूनाइटेड फेडरेशन ऑफ मिनरल प्रोड्यूसर्स के प्रतिनिधिमंडल ने खान एवं भू-विज्ञान विभाग के निदेशक एम.पी. मीणा से भेंट कर लंबित खनन पट्टों के एक्सटेंशन के मामलों में सहयोग प्रदान करने हेतु ज्ञापन सौंपा। प्रतिनिधिमंडल में अध्यक्ष गुरप्रीत सिंह सोनी, सचिव डॉ. हितांशु कौशल और कोषाध्यक्ष सौरभ मंत्री शामिल रहे।
ज्ञापन में बताया गया कि फेडरेशन के सभी सदस्य वैध खनन पट्टा धारक हैं और उन्होंने राजस्थान माइनर मिनरल कन्सेशन नियम, 2017 के प्रावधानों का पूर्णतः पालन किया है। कई सदस्यों द्वारा नियम 9(3) के तहत निर्धारित प्रीमियम भी जमा कराया जा चुका है, बावजूद इसके एक्सटेंशन के प्रकरण लंबित हैं।
फेडरेशन ने अवगत कराया कि अरावली पर्वतमाला से जुड़े मामलों में सर्वोच्च न्यायालय में विचाराधीन सुओ मोटू याचिका (सिविल) संख्या 10/2025 तथा 9 मई 2023 के आदेश के चलते खनन पट्टों की अवधि वृद्धि और खनन गतिविधियां फिलहाल स्थगित हैं। इस संदर्भ में नियम 9(4) के तहत बंद अवधि को “डाईज एंड नॉन” मानते हुए डेड रेंट से छूट देने की मांग भी रखी गई।
प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि अरावली क्षेत्र में खनन का दायरा कुल क्षेत्र का लगभग 1 प्रतिशत ही है और यह राज्य की अर्थव्यवस्था के लिए महत्वपूर्ण है। पूर्ण प्रतिबंध से अवैध खनन बढ़ने की आशंका जताते हुए फेडरेशन ने 4 प्रतिशत तक नियंत्रित और वैज्ञानिक खनन की अनुमति देने की मांग की। फेडरेशन ने उम्मीद जताई कि विभाग इस विषय पर संवेदनशीलता से विचार करते हुए सकारात्मक निर्णय करेगा।