उदयपुर, 23 अक्टूबर: भारतीय संस्कृति की मजबूती उसकी भाषाई और वैचारिक विविधता में निहित है। पद्मश्री सम्मानित भाषाविद् प्रो. गणेश देवी ने शुक्रवार को जोधपुर में आयोजित राजस्थान एसोसिएशन फॉर स्टडीज इन इंग्लिश (RASE) के 23वें अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन के उद्घाटन सत्र में यह बात कही। जयनारायण व्यास विश्वविद्यालय के स्वर्ण जयंती सभागार में आयोजित सम्मेलन का विषय साहित्य और दृश्य-नृत्य माध्यमों में कथन की बारीकियों पर केंद्रित रहा। प्रो. देवी ने एक ही विचारधारा या कथ्य को प्रमुखता देने के बजाय बहुलता सुरक्षित रखने की जरूरत बताई और भाषाओं के लुप्त होने पर चिंता जताई। कुलगुरु प्रो. चंद्र कुमार शर्मा ने कार्यक्रम की अध्यक्षता की। सम्मेलन में देश-विदेश के विद्वानों ने साहित्य, भाषा और कथन की विविध शैलियों पर विचार रखे।