धर्म परिवर्तन केस में 14 आरोपियों को हाईकोर्ट से राहत नहीं

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जमानत याचिका खारिज, कोर्ट की टिप्पणी— ‘संगठित सिंडिकेट की तरह कर रहे थे काम’
उदयपुर, 25 जुलाई
: उदयपुर जिले के ऋषभदेव में कथित जबरन धर्म परिवर्तन मामले में गिरफ्तार 14 आरोपियों को राजस्थान हाईकोर्ट की जोधपुर पीठ से बड़ा झटका लगा है। न्यायमूर्ति सुनील बेनीवाल ने सभी आरोपियों की जमानत याचिकाएं खारिज करते हुए मामले को गंभीर माना और प्रथम दृष्टया टिप्पणी की कि आरोपी एक संगठित सिंडिकेट की तरह कार्य कर रहे थे।
यह मामला जून 2026 में ऋषभदेव क्षेत्र में आयोजित तीन दिवसीय धार्मिक शिविर से जुड़ा है। पुलिस के अनुसार 5 से 7 जून के बीच आयोजित शिविर की आड़ में स्थानीय लोगों को कथित रूप से डर, प्रलोभन और अन्य तरीकों से ईसाई धर्म अपनाने के लिए प्रेरित किया जा रहा था।
जांच में पुलिस ने दावा किया कि मुख्य आरोपी अमित कुमार छत्तीसगढ़ से उदयपुर आया था और उसका पंजाब के अंकुर नरूला से लगातार संपर्क था। वहीं आरोपी हरीश पर पिछले चार वर्षों में करीब 150 से 200 लोगों का धर्म परिवर्तन कराने का आरोप है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से धार्मिक साहित्य और अन्य सामग्री भी जब्त करने का दावा किया है।
मामले में 6 जून 2026 को ऋषभदेव थाने में एफआईआर दर्ज होने के बाद पुलिस ने उसी दिन 12 आरोपियों को गिरफ्तार किया था। बाद में 14 जून को दो अन्य आरोपियों को भी न्यायिक हिरासत में लिया गया। सभी आरोपियों के खिलाफ राजस्थान धर्म परिवर्तन निषेध अधिनियम, 2025 सहित विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज है।