विजयादशमी उत्सव पर शस्त्र पूजन के बाद निकला पथ संचलन, पंच परिवर्तन और समयदान का आह्वान

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संघ की 101 वर्षों की यात्रा संघर्ष, साधना और समाज संगठन की यात्रा : मूरलीधर
उदयपुर, 20 अक्टूबर:
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के स्थापना दिवस पर मंगलवार को उदयपुर महानगर की ओर से राजस्थान कृषि महाविद्यालय (आरसीए) खेल मैदान, सूरजपोल में विजयादशमी उत्सव मनाया गया। शस्त्र पूजन के बाद स्वयंसेवकों ने अनुशासित पंक्तियों में पथ संचलन निकाला। मुख्य अतिथि होटल एवं मार्बल व्यवसायी ओ.पी. अग्रवाल, विभाग संघचालक हेमेन्द्र श्रीमाली और महानगर संघचालक गोविंद अग्रवाल ने शस्त्र पूजन किया।
संघ के चित्तौड़ प्रांत प्रचारक मूरलीधर ने कहा कि डॉ. केशव बलिराम हेडगेवार ने 1925 में विजयादशमी पर जिस उद्देश्य से संघ की स्थापना की, उसकी 101 वर्षों की यात्रा संघर्ष, साधना और समाज संगठन की यात्रा है। विरोध और आरोपों के बावजूद संघ अपने ध्येय की दिशा में आगे बढ़ता रहा। उन्होंने कहा कि संघ की स्थापना किसी व्यक्ति या संगठन के विरोध में नहीं, बल्कि समाज को संगठित और सशक्त बनाने के उद्देश्य से हुई थी।
मूरलीधर ने सामाजिक विभाजन से ऊपर उठकर समरसता बढ़ाने, महापुरुषों को जाति-बिरादरी में नहीं बांटने और सोशल मीडिया पर भ्रामक सूचनाओं की पुष्टि किए बिना उन्हें प्रसारित नहीं करने का आह्वान किया। उन्होंने पंच परिवर्तन के तहत सामाजिक समरसता, कुटुंब प्रबोधन, पर्यावरण संरक्षण, स्वदेशी और नागरिक कर्तव्यों के पालन पर जोर दिया। नशामुक्ति, पर्यावरण जागरूकता, नियमित शाखा और समाज कार्यों के लिए समयदान की अपील भी की।
आरसीए मैदान से निकला पथ संचलन सूरजपोल, बापू बाजार, दिल्ली दरवाजा, हाथीपोल, चेतक चौराहा, कोर्ट चौराहा और शास्त्री चौराहा सहित निर्धारित मार्ग से श्रमजीवी महाविद्यालय पहुंचा। मार्ग में समाजजनों और सामाजिक संगठनों ने पुष्पवर्षा से स्वागत किया। घोष दल की धुनों के बीच स्वयंसेवकों ने कदम से कदम मिलाया। कार्यक्रम में मातृशक्ति की उपस्थिति रही तथा संत रविदास की 650वीं जयंती पर उनके जीवन और सामाजिक समरसता के संदेश पर प्रदर्शनी लगाई गई।