कुलपति सारंगदेवोत के सेवा विस्तार का विरोध, विद्यापीठ में अनिश्चितकालीन धरना शुरू

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‘भंवर गुर्जर हटाओ, विद्यापीठ बचाओ’ के नारों से गूंजा डबोक परिसर, SOG जांच की मांग तेज
उदयपुर, 4 जून:
जनार्दन राय नागर राजस्थान विद्यापीठ में कुलपति के कथित नियम-विरुद्ध सेवा विस्तार को लेकर विरोध खुलकर सामने आ गया है। सजग कार्यकर्ताओं और कुल कर्मचारी संघ ने गुरुवार से डबोक परिसर में अनिश्चितकालीन धरना शुरू करते हुए प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। आंदोलनकारियों ने “भंवर गुर्जर हटाओ, विद्यापीठ बचाओ” के नारों के साथ पारदर्शिता, जवाबदेही और कर्मचारियों के अधिकारों की बहाली की मांग उठाई।
गुपचुप तरीके से बढ़ाए गए कार्यकाल पर सवाल
कर्मचारी संघ का आरोप है कि कार्यकर्ताओं ने पूर्व में कुलाधिपति को ज्ञापन देकर कुलपति का कार्यकाल नहीं बढ़ाने का आग्रह किया था, लेकिन विरोध और तथ्यों को नजरअंदाज करते हुए बिना स्पष्ट नियमों और पारदर्शिता के एक वर्ष का सेवा विस्तार दे दिया गया। आंदोलनकारियों का कहना है कि प्रशासन इस निर्णय का ठोस आधार बताने में असफल रहा है।
2012 से अब तक के कार्यकाल की जांच की मांग
धरने में सबसे प्रमुख मांग कुल प्रमुख भंवरलाल गुर्जर के वर्ष 2012 से अब तक के कार्यकाल की एसओजी जांच कराने की है। आंदोलनकारियों ने वित्तीय और प्रशासनिक निर्णयों, नियुक्तियों तथा कथित अनियमितताओं की निष्पक्ष जांच की मांग की है।
आठ सूत्रीय मांगों पर अड़े कर्मचारी
कर्मचारी संघ ने ईपीएफ खातों की पारदर्शिता, एसीपी लाभ, डीए भुगतान, अनुबंधित कर्मचारियों को नियमित वेतनमान, बकाया बोनस भुगतान तथा कथित अवैध नियुक्तियों और सेवा विस्तारों पर रोक सहित आठ प्रमुख मांगें रखी हैं। कार्यकर्ताओं ने चेतावनी दी है कि जब तक मांगें पूरी नहीं होतीं, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।