उदयपुर, 18 जुलाई: त्रिसुगंधि साहित्य, कला एवं संस्कृति संस्थान एवं न्यू नवरत्न रेजिडेंट्स संस्थान के संयुक्त तत्वावधान में न्यू रिवर फ्रंट गार्डन परिसर में पावस गोष्ठी का भव्य आयोजन किया गया।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि डॉ देवेंद्र कुमावत रहे। कार्यक्रम की अध्यक्षता सुरेश वाधवानी, त्रिसुगन्धि की संस्थापक आशा पाण्डेय ‘ओझा’ ने की तथा विशिष्ट, अतिथि के रूप में डॉ भूपेंद्र शर्मा, डॉ मनीष सक्सेना, विजय मारु, श्याम मठपाल ने गरिमामयी उपस्थिति प्रदान की। कार्यक्रम का सफल संचालन सुनीता निमिष सिंह ने किया।
गोष्ठी में त्रिसुगंधि संस्थान के लगभग 36 कवियों ने उत्साहपूर्वक काव्य-पाठ किया। सभी कवियों ने वर्षा ऋतु, सावन, प्रकृति और हरियाली पर आधारित अपनी उत्कृष्ट एवं भावपूर्ण रचनाओं से श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। वहीं कुछ कवियों ने समसामयिक रचनाएं भी पढी। रिवर फ्रंट गार्डन के कमेटी अध्यक्ष सुरेश वाधवानी, उपाध्यक्ष रजनीकांत मानावत, कोषाध्यक्ष अशोक जालान, दिलीप सामर राजेश बाफना सभी ने पूरे कार्यक्रम का प्रबंध किया।
इस अवसर पर समस्त कवियों को त्रिसुगंधि संस्थान की और से अभिनंदन-पत्र भेंट कर सम्मान किया गया।
संजय गुप्ता ‘देवेश’ ने बताया कि इस पावस गोष्ठी का उद्देश्य साहित्य के माध्यम से प्रकृति, संवेदना और सृजनशीलता को प्रोत्साहित करना है। उन्होंने सभी अतिथियों, साहित्यकारों एवं समिति के सदस्यों का आभार व्यक्त किया।
गोष्ठी में गति शर्मा, नितिन मेनारिया, मुकेश मारवाड़ी, लक्ष्मी लाल खटीक, श्याम मठपाल, अरुण त्रिपाठी, अनीता अन्ना, स्वाति शकुंत, नलिनी पुरोहित, प्रोफेसर विमल शर्मा, बंसीलाल लोहार, सुभाष अग्रवाल,मधु सहगल,शाहिदा शौकत मंसूरी, मीनाक्षी पंवार, दीपिका स्वर्णकार, सपना जैन शाह, डॉ सरस्वती जोशी, गति शर्मा, प्रिया सुमित कटारिया, डॉ चंद्र रेखा शर्मा, अरुण कुमार शर्मा, ललित पारेख, रजनीकांत भाणावत, लक्ष्मी लाल खटीक रमेश भटनागर, डॉ नम्रता जैन, देवेंद्र अग्रवाल संजय गुप्ता देवेश सहित 35 प्रतिष्ठित कवियों ने वर्षा ऋतु पर अपनी उत्कृष्ट कविताओं का पाठ कर वातावरण को काव्यमय बना दिया।
कार्यक्रम के सफल आयोजन में सुभाष अग्रवाल व रिवर फ्रंट गार्डन के सभी पदाधिकारियों का विशेष योगदान रहा। अंत में सभी साहित्यकारों ने ऐसे साहित्यिक आयोजनों की निरंतरता बनाए रखने का संकल्प व्यक्त किया। कार्यक्रम में लगभग 100 गणमान्य श्रोता भी उपस्थित थे।