हास्य-व्यंग्य से सामाजिक मुद्दे उठे, भजन, नृत्य और कॉमेडी से देर रात तक गूंजता रहा मेला परिसर
मंडफिया, 22 सितम्बर (विवेक शर्मा): भगवान सांवलिया सेठ के त्रि-दिवसीय जलझूलनी एकादशी मेले के पहले दिन रात्रि 9 बजे मंडफिया बाईपास स्थित रेफरल चिकित्सालय के समीप आयोजित अखिल भारतीय कवि सम्मेलन में देशभर से आए कवियों ने हास्य, व्यंग्य, भक्ति और देशभक्ति की रचनाओं से श्रोताओं को देर रात तक बांधे रखा। ‘तारक मेहता का उल्टा चश्मा’ फेम शैलेश लोढ़ा सहित कवियों ने मोबाइल के बढ़ते प्रभाव, नशे की प्रवृत्ति, शिक्षा, संस्कार और सामाजिक जिम्मेदारियों जैसे विषयों को रचनात्मक अंदाज में उठाया।
कवि सम्मेलन में शैलेश लोढ़ा, संजय झाला, भुवन मोहिनी, दीपक पारीक, शंभू शिखर, जानी बैरागी, राम भदावर, मोनिका हटीला, हीरामणि वैष्णव, चेतन चर्चित, लक्ष्मण नेपाली, लकी जारौली और शशिकांत यादव ने काव्य पाठ किया। शैलेश लोढ़ा की हास्य और संवेदनाओं से जुड़ी प्रस्तुतियां आकर्षण का केंद्र रहीं। मोनिका हटीला ने सरस्वती वंदना से कार्यक्रम का शुभारंभ किया। शंभू शिखर और संजय झाला के हास्य-व्यंग्य पर जमकर ठहाके गूंजे, जबकि राम भदावर की ओजपूर्ण रचनाओं ने श्रोताओं में उत्साह भरा।
शिक्षा और मोबाइल पर दीपक पारीक का व्यंग्य
दीपक पारीक ने शिक्षा व्यवस्था, विद्यार्थियों पर अच्छे अंक लाने के दबाव और मोबाइल के बढ़ते प्रभाव को व्यंग्य का विषय बनाया। उन्होंने बच्चों की सफलता को केवल अंकों के आधार पर नहीं आंकने का संदेश दिया। आमजन की मांग पर उन्होंने ‘भेरू’ से जुड़ी कविता भी सुनाई।
भजनों और नृत्य से बढ़ी मेले की रौनक
मीरा रंगमंच पर नितिन बागवान और कृतिका मालवीय ने भजन प्रस्तुत कर श्रद्धालुओं को भक्ति रस में सराबोर किया। रात 1 बजे जय श्री राधे ग्रुप ने भी भजन प्रस्तुत किए। गोवर्धन रंगमंच पर नेहा शिल्पी सोनी और सनी अलबेला ने कॉमेडी व नृत्य से मनोरंजन किया। इसके बाद चिराग राजस्थानी डांस ग्रुप ने सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दीं। कवि सम्मेलन में मंदिर मंडल ने सभी कवियों को भगवान सांवलिया सेठ का प्रसाद भेंट कर उपरना पहनाकर सम्मानित किया। इस दौरान विधायक अर्जुन लाल जीनगर, चंद्रभान सिंह आक्या, मंदिर मंडल अध्यक्ष हजारी दास वैष्णव, सीईओ दिनेश धाकड़ सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे।