73.64 करोड़ की चल-अचल संपत्तियां कुर्क, फ्रीज व सीज; 68-एफ के तहत 38 मामलों में अंतिम आदेश, 25 मामलों में प्रक्रिया अंतिम चरण में
उदयपुर, 12 सितंबर: नशे के काले कारोबार से कमाई गई संपत्ति अब राजस्थान के तस्करों के लिए सबसे बड़ा खतरा बन गई है। राजस्थान पुलिस ने नशा तस्करों की आर्थिक रीढ़ तोड़ने के लिए एनडीपीएस एक्ट की धारा 68-एफ (सफेमा) के तहत प्रदेशभर में बड़ी कार्रवाई करते हुए 73 करोड़ 64 लाख 64 हजार 948 रुपए की चल-अचल संपत्तियां कुर्क, फ्रीज व सीज की हैं। कार्रवाई में मकान, निर्माणाधीन दुकानें, कृषि भूमि, आवासीय भूखंड और कार, पिकअप, ट्रैक्टर व मोटरसाइकिल जैसी संपत्तियां शामिल हैं।
डीजीपी राजीव कुमार शर्मा के निर्देश पर चलाए गए विशेष अभियान के तहत आदतन और कुख्यात नशा तस्करों के खिलाफ 63 इस्तगासे तैयार कर सक्षम प्राधिकारी को भेजे गए थे। इनमें से 38 मामलों में कुर्की और जब्ती के अंतिम आदेश स्वीकृत हो चुके हैं, जबकि 25 मामलों में कानूनी प्रक्रिया अंतिम चरण में है।
सबसे बड़ी कार्रवाई चित्तौड़गढ़ में हुई, जहां 20.35 करोड़ रुपए की संपत्तियां सीज की गईं। इनमें राहुल बंजारा की 18.79 करोड़ रुपए की संपत्ति शामिल है। बारां में 18.48 करोड़ और झालावाड़ में 12.65 करोड़ रुपए की संपत्तियों पर कार्रवाई हुई। प्रतापगढ़ में भी 8.24 करोड़ रुपए के मकान, पोल्ट्री फार्म और वाहनों सहित अन्य संपत्तियां जब्त की गई हैं।
उदयपुर में विपिन गिरी गोस्वामी की 26 लाख रुपए की संपत्ति की कुर्की के आदेश स्वीकृत हुए हैं। इसके अलावा नागौर, जोधपुर ग्रामीण, हनुमानगढ़, जालौर, भीलवाड़ा और जोधपुर पूर्व में भी तस्करों की संपत्तियों पर कार्रवाई की गई।
डीजीपी शर्मा ने कहा कि नशीली दवाओं की कमाई से खड़ी की गई किसी भी संपत्ति को बख्शा नहीं जाएगा। एएनटीएफ तस्करों की पूरी कुंडली खंगालकर जिलों को कार्रवाई के निर्देश दे रही है। प्रत्येक जिले में नशे के विरुद्ध प्रभावी कार्रवाई के लिए एसपी कार्यालयों में विशेष शाखा गठित की जा रही है।