उदयपुर, 21 जून: री-नीट परीक्षा रविवार को उदयपुर के 29 केंद्रों पर कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच संपन्न हुई। 8738 अभ्यर्थियों ने परीक्षा दी, लेकिन परीक्षा केंद्रों के बाहर केवल एक प्रतियोगी परीक्षा का माहौल ही नहीं, बल्कि संघर्ष, उम्मीद और मानसिक दबाव की कई तस्वीरें भी देखने को मिलीं।
सरकारी रेजिडेंसी स्कूल में प्रवेश बंद होने के अंतिम क्षणों में दौड़ती हुई पहुंची एक छात्रा दिनभर चर्चा का विषय बनी रही। गेट बंद होने से ठीक पहले पहुंचे इस अभ्यर्थी को सुरक्षाकर्मियों ने तुरंत अंदर प्रवेश दिलाया और उसके बाद मुख्य द्वार बंद कर दिया गया। यह दृश्य उन हजारों युवाओं की बेचैनी और सपनों का प्रतीक बन गया, जिनके भविष्य का फैसला इस परीक्षा से जुड़ा है।
परीक्षा केंद्रों पर सुरक्षा व्यवस्था अभूतपूर्व रही। तीन स्तरीय जांच, बायोमेट्रिक सत्यापन, मेटल डिटेक्टर, सीसीटीवी निगरानी और जैमर की व्यवस्था की गई। एक छात्रा की नोज पिन नहीं निकलने पर नियमों के तहत उसकी नाक पर टेप चिपकाकर प्रवेश दिया गया, जबकि कई अभ्यर्थियों के हाथों में बंधे कलावे भी खुलवाए गए। टॉर्च से कानों की जांच तक की गई।
री-नीट के आयोजन ने अभ्यर्थियों और अभिभावकों के मन में पिछले परीक्षा रद्द होने से पैदा हुए तनाव को भी उजागर किया। कई अभिभावकों ने स्वीकार किया कि परीक्षा निरस्त होने के बाद बच्चों का मानसिक संतुलन प्रभावित हुआ और उन्हें दोबारा तैयारी के लिए कम समय मिला। इसके बावजूद अधिकांश विद्यार्थियों ने आत्मविश्वास के साथ परीक्षा दी।