बड़े भू-माफियाओं पर अब भी नरमी के आरोप
उदयपुर, 22 जून: शिल्पग्राम के पीछे स्थित राजस्व ग्राम हवालाखुर्द में सरकारी भूमि पर हुए अवैध कब्जों के खिलाफ उदयपुर विकास प्राधिकरण (यूडीए) ने एक बार फिर बुलडोजर कार्रवाई की है। सोमवार को यूडीए की तहसील शाखा ने उन बड़े पक्के अवैध निर्माणों को ध्वस्त किया, जो 2 जून को हुई कार्रवाई के दौरान बच गए थे। इससे पहले यूडीए आयुक्त अभिषेक खन्ना के निर्देश पर करीब 1.75 लाख वर्गफीट सरकारी भूमि को कब्जा मुक्त कराया गया था, जिसकी अनुमानित कीमत 50 करोड़ रुपए बताई गई थी।
हालांकि पहली कार्रवाई के बाद यूडीए की कार्यशैली पर सवाल उठने लगे थे। स्थानीय लोगों का आरोप था कि कुछ प्रभावशाली व्यक्तियों और भू-माफियाओं के निर्माणों को जानबूझकर छोड़ दिया गया। इसी आलोचना के बीच सोमवार को दोबारा बुलडोजर चलाकर कई बड़े निर्माणों को हटाया गया।
ग्रामीणों का आरोप, प्रमुख भू माफिया का आलीशान अवैध मकान छोड़ा
ग्रामीणों का आरोप है कि सरकारी भूमि पर कब्जा करने वाले एक प्रमुख भू-माफिया का आलीशान अवैध मकान आज भी जस का तस खड़ा है, जबकि आसपास के अन्य निर्माणों को ध्वस्त कर दिया गया। इस संबंध में प्रभावित ग्रामीण जिला कलेक्टर और यूडीए आयुक्त को शिकायत भी सौंप चुके हैं।
क्षेत्र में यह चर्चा भी जोरों पर है कि करोड़ों रुपए मूल्य की सरकारी जमीन पर कब्जा करने वाले कथित भू-माफियाओं के खिलाफ अब तक पुलिस में एफआईआर दर्ज क्यों नहीं कराई गई। लोगों का मानना है कि केवल निर्माण तोड़ना पर्याप्त नहीं है, बल्कि अवैध कब्जाधारियों और उन्हें संरक्षण देने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई भी जरूरी है। ऐसे में यूडीए की इस कार्रवाई के बावजूद कई सवाल अब भी अनुत्तरित बने हुए हैं।