डूंगरपुर, 22 जून: डूंगरपुर जिले के रामसागड़ा थाना क्षेत्र के माड़ा गांव की एक महिला अधिवक्ता ने समाज के पंचों और मुखियों पर सामाजिक बहिष्कार, प्रताड़ना और 21 लाख रुपए का दंड लगाने का आरोप लगाया है। वर्तमान में दिल्ली में न्यायिक सेवा परीक्षा की तैयारी कर रही महिला ने जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई और परिवार की सुरक्षा की मांग की है।
पीड़िता के अनुसार वर्ष 2015 में उसके भाई रिंकू उर्फ जितेंद्र लबाना के दो मित्रों की एक हादसे में मौत हो गई थी। इसके बाद समाज के कुछ लोगों ने रिंकू पर गंभीर आरोप लगाते हुए नार्को टेस्ट की मांग की। जांच में कोई दोष सिद्ध नहीं होने के बावजूद परिवार को समाज में शामिल करने के बदले 21 लाख रुपए की मांग की गई।
महिला का आरोप है कि पिछले 11 वर्षों से उनका परिवार सामाजिक बहिष्कार झेल रहा है। इस दौरान कई बार जानलेवा हमले, मारपीट और धमकियों की घटनाएं भी हुईं। हाल ही में 17 जून को मृत्यु भोज के दौरान उसकी मां और चाचा पर कथित रूप से हमला किया गया।
पीड़िता ने 11 गांवों के पंचों के फैसले को प्रताड़ना का कारण बताते हुए नामजद आरोपियों सहित अन्य लोगों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई तथा परिवार को सुरक्षा उपलब्ध कराने की मांग की है।