दिव्यांग सुविधाओं पर RTI को रोडवेज का टालमटोल जवाब

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11 आवेदनों पर सूचना देने से इंकार, कहा—‘प्रशासनिक कार्य में बाधा’
उदयपुर, 11 अप्रैल:
दिव्यांगों की सुविधाओं को लेकर दाखिल सूचना के अधिकार (RTI) आवेदनों पर उदयपुर रोडवेज डिपो द्वारा जानकारी देने से इंकार करने का मामला सामने आया है। पेनेशिया डिसेबिलिटी राइट्स एक्टिविस्ट (PDRA) के अध्यक्ष डॉ. अरविंदर सिंह द्वारा लगाए गए 11 अलग-अलग आरटीआई आवेदनों पर एक साथ जवाब देते हुए लोक सूचना अधिकारी ने इन सूचनाओं को “अव्यावहारिक” बताते हुए देने से मना कर दिया।
दिव्यांग सुविधाओं की जानकारी मांगी थी
डॉ. अरविंदर सिंह ने बस स्टैंड और बसों में दिव्यांगजनों के लिए उपलब्ध सुविधाओं—जैसे व्हीलचेयर, रैम्प, सुगम शौचालय, हेल्पलाइन, अलग कतार और प्रशिक्षित स्टाफ—की जानकारी मांगी थी। स्वयं दिव्यांग होने के कारण उन्होंने इन व्यवस्थाओं की वास्तविक स्थिति जानने और सुधार के उद्देश्य से यह पहल की थी।
जवाब से नाराजगी, कानून का हवाला
रोडवेज प्रबंधन ने सुप्रीम कोर्ट के एक फैसले का हवाला देते हुए कहा कि ऐसी सूचनाएं देना प्रशासनिक कार्य में बाधा उत्पन्न करता है। इस पर डॉ. अरविंदर ने नाराजगी जताते हुए कहा कि यह रवैया न केवल RTI कानून की भावना के खिलाफ है, बल्कि दिव्यांगजन अधिकार अधिनियम 2016 के प्रति असंवेदनशील भी है।
सुविधाएं सुनिश्चित करने की मांग
उन्होंने मांग की कि सभी बस स्टैंड और बसों को दिव्यांगों के अनुकूल बनाया जाए और संबंधित अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए जाएं। उन्होंने कहा—दिव्यांगों के अधिकार दया नहीं, बल्कि उनका संवैधानिक अधिकार हैं।