आदिवासी बेल्ट में बढ़ाई सक्रियता, कांग्रेस के अलग-अलग गुटों के नेता एक मंच पर आए नजर
उदयपुर, 14 जुलाई: कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव सचिन पायलट का मेवाड़-वागड़ दौरा प्रदेश की राजनीति में नई चर्चाओं का केंद्र बन गया है। बांसवाड़ा, डूंगरपुर, सलूम्बर और उदयपुर के दो दिवसीय दौरे के दौरान पायलट ने आदिवासी समाज के बीच अपनी सक्रिय मौजूदगी दर्ज कराई और कांग्रेस के विभिन्न गुटों के नेताओं को एक मंच पर लाकर संगठनात्मक एकजुटता का संदेश दिया।कुशलगढ़ में पूर्व प्रधान हुरतिंग खड़िया की पुण्यतिथि पर आयोजित कार्यक्रम में शामिल होने के साथ उन्होंने त्रिपुरा सुंदरी मंदिर में दर्शन किए और स्थानीय सांस्कृतिक आयोजनों में भी भाग लिया।
राजनीतिक जानकार इस दौरे को वर्ष 2028 के विधानसभा चुनावों की तैयारी और आदिवासी क्षेत्र में कांग्रेस की पकड़ मजबूत करने की रणनीति के रूप में देख रहे हैं। वागड़ की नौ विधानसभा सीटों में भारत आदिवासी पार्टी (बीएपी) की बढ़ती ताकत और भाजपा की सक्रियता के बीच कांग्रेस अपने पारंपरिक जनाधार को मजबूत करने की कोशिश कर रही है। इस दौरान पूर्व मंत्री महेंद्रजीत सिंह मालवीया, विधायक अर्जुन सिंह बामनिया, नानालाल निनामा, रघुवीर मीणा, ताराचंद भगोरा और अनीता जाटव सहित कई वरिष्ठ नेता एक मंच पर दिखाई दिए। वहीं, बीएपी से संभावित गठबंधन के सवाल पर पायलट ने कहा कि अंतिम निर्णय पार्टी नेतृत्व परिस्थितियों के अनुसार करेगा।