तीन साल में तीसरी बार धंसी सड़क, ईवी कार नाले में समाई; अब कई इलाकों में भी खतरे की आशंका
उदयपुर, 14 जुलाई: दुर्गा नर्सरी चौराहे पर सड़क धंसने की घटना ने उदयपुर की ड्रेनेज व्यवस्था और निर्माण कार्यों की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। मंगलवार को व्यस्त मार्ग पर ड्रेनेज के ऊपर बनी सड़क अचानक भरभराकर धंस गई, जिससे वहां से गुजर रही एक लग्जरी इलेक्ट्रिक कार का अगला हिस्सा सीधे गहरे नाले में समा गया। चालक सुरक्षित बाहर निकल आया और किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई, लेकिन यह हादसा शहर की आधारभूत संरचना की कमजोरियों को उजागर कर गया। स्थानीय लोगों के अनुसार इसी मार्ग पर पिछले तीन वर्षों में सड़क धंसने की यह तीसरी घटना है। उनका आरोप है कि नाले का निर्माण बीच में अधूरा छोड़ दिए जाने से लगातार पानी का रिसाव हो रहा है, जिससे मिट्टी कमजोर होकर सड़क बार-बार धंस रही है। हादसे के बाद कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने मौके पर प्रदर्शन कर निर्माण कार्यों की गुणवत्ता पर सवाल उठाए। क्षेत्रवासियों ने पूरे ड्रेनेज नेटवर्क का स्वतंत्र तकनीकी ऑडिट कराने, जिम्मेदार एजेंसियों की जवाबदेही तय करने और अशोक नगर, सेवाश्रम, उदियापोल, पारस चौराहा, शोभागपुरा, सूरजपोल तथा विश्वविद्यालय रोड जैसे संवेदनशील क्षेत्रों की भी तत्काल जांच कराने की मांग की है, ताकि भविष्य में किसी बड़े हादसे से बचा जा सके।
इन सड़कों पर भी बना हुआ है खतरा
अशोक नगर चौराहा: दुर्गा नर्सरी के समान ड्रेनेज नेटवर्क पर होने से सड़क धंसने की आशंका बनी रहती है।
सेवाश्रम फ्लाईओवर व चौराहा: बारिश में भारी जलभराव से ट्रैफिक अक्सर प्रभावित होता है।
उदियापोल–बस स्टैंड रोड: जाम नालियों के कारण घुटनों तक पानी भरने की समस्या रहती है।
पारस चौराहा: ड्रेनेज की खराब व्यवस्था से पानी जमा होने और गड्ढों की शिकायतें लगातार मिलती हैं।
शोभागपुरा–100 फीट रोड: तेज विकास वाले क्षेत्र में बारिश के दौरान सड़कें उखड़ने और जलभराव की समस्या सामने आती है।
सूरजपोल चौराहा: सीवरेज और ड्रेनेज लीकेज से सड़कें बार-बार क्षतिग्रस्त होती हैं।
विश्वविद्यालय रोड: जल निकासी कमजोर होने से बारिश में डामर उखड़ने और सड़क खराब होने की स्थिति बन जाती है।