20-22 हेक्टेयर में तैयार होगा ग्रीन प्रोजेक्ट
उदयपुर, 6 मई: राजस्थान सरकार के ‘चंदन वन विकसित’ विजन के तहत उदयपुर में एक बड़ा हरित प्रोजेक्ट आकार लेने जा रहा है। वन एवं पर्यावरण मंत्री संजय शर्मा ने पिछोला झील के किनारे कालका माता वन क्षेत्र का निरीक्षण कर यहां चंदन वन विकसित करने की योजना को अंतिम रूप देने के निर्देश दिए। प्रस्तावित योजना के तहत 20 से 22 हेक्टेयर क्षेत्र में चंदन का वन विकसित किया जाएगा, जिसमें हजारों पौधे रोपे जाएंगे।
निरीक्षण के दौरान वन अधिकारियों ने बताया कि चंदन एक अर्ध-परजीवी पौधा है, जो अकेले विकसित नहीं होता, बल्कि इसके लिए सहायक पौधों की आवश्यकता होती है। इसी कारण चंदन के साथ मेहंदी, करोंदा, नीम, हेज और अकेशिया जैसे पौधों का रोपण किया जाएगा, जिससे इसकी वृद्धि बेहतर हो सके। यह प्रोजेक्ट न केवल पर्यावरण संरक्षण में योगदान देगा, बल्कि भविष्य में आर्थिक दृष्टि से भी महत्वपूर्ण साबित होगा।
मंत्री शर्मा ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि पौधरोपण की योजना वैज्ञानिक तरीके से तैयार की जाए और मानसून सत्र में इसे प्रभावी ढंग से लागू किया जाए। उदयपुर के साथ सिरोही और बांसवाड़ा जिलों में भी इस योजना के तहत बड़े स्तर पर चंदन रोपण किया जाएगा।
बांसवाड़ा में 11 हजार चंदन पौधे लगाए जाएंगे, देखी साइट
बांसवाड़ा जिले में ‘चंदन वन’ विकसित करने की योजना को गति मिल गई है। वन एवं पर्यावरण मंत्री संजय शर्मा ने अपने दौरे के दौरान बांसवाड़ा रेंज के झांतला गांव स्थित झांतलिया वन खंड का निरीक्षण किया, जहां करीब 11 हजार चंदन पौधे रोपे जाएंगे। वन विभाग के अनुसार यह क्षेत्र चंदन के लिए अनुकूल है, क्योंकि यहां यह प्रजाति प्राकृतिक रूप से भी पाई जाती है। विभाग ने इसके लिए बजट प्रस्ताव तैयार कर सरकार को भेज दिया है और आगामी मानसून सत्र में बड़े स्तर पर वृक्षारोपण शुरू किया जाएगा। यह परियोजना पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ भविष्य में स्थानीय लोगों के लिए आर्थिक अवसर भी पैदा करेगी। दौरे के दौरान मंत्री की सादगी भी चर्चा में रही। उन्होंने शिवपुरा की पटेल बस्ती में ग्रामीण परिवार के साथ जमीन पर बैठकर भोजन किया और उनकी समस्याएं सुनीं। ग्रामीणों ने भूमि पट्टों, रोजगार और पेंशन से जुड़ी समस्याएं रखीं।