ई-20 पेट्रोल को लेकर उदयपुर में भी बढ़ी चर्चा

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वाहन चालकों ने माइलेज घटने की जताई चिंता, पेट्रोल विक्रेताओं ने कहा- सरकार के निर्देशानुसार हो रही आपूर्ति
गोपाल लोहार
उदयपुर, 22 जून:
केंद्र सरकार द्वारा 20 प्रतिशत एथेनॉल मिश्रित ई-20 पेट्रोल को बढ़ावा दिए जाने के बीच उदयपुर में भी इस ईंधन को लेकर चर्चा तेज हो गई है। जहां सरकार इसे पर्यावरण संरक्षण, विदेशी मुद्रा बचत और किसानों की आय बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बता रही है, वहीं कुछ वाहन चालकों ने माइलेज और इंजन प्रदर्शन को लेकर सवाल उठाने शुरू कर दिए हैं।
शहर के सेक्टर-14 निवासी वाहन चालक महेश शर्मा का कहना है कि उनकी मोटरसाइकिल पहले की तुलना में कुछ कम माइलेज दे रही है। उनका मानना है कि ईंधन की गुणवत्ता और वाहन की अनुकूलता को लेकर उपभोक्ताओं को स्पष्ट जानकारी मिलनी चाहिए। वहीं हिरणमगरी क्षेत्र के कार मालिक नरेश जैन ने बताया कि उन्हें इंजन में कोई बड़ी समस्या तो नहीं आई, लेकिन माइलेज में हल्की कमी महसूस हुई है।
उधर, शहर के पेट्रोल पंप संचालकों का कहना है कि वे तेल कंपनियों से प्राप्त ईंधन की ही बिक्री करते हैं। एक पेट्रोल विक्रेता ने बताया कि वर्तमान में ई-20 मिश्रित पेट्रोल की आपूर्ति सरकारी नीति के अनुसार की जा रही है। अधिकांश नई गाड़ियां इस ईंधन के अनुरूप बनाई जा रही हैं, जबकि पुराने वाहन मालिकों को कंपनी की सलाह के अनुसार नियमित सर्विसिंग करानी चाहिए।
ऑटोमोबाइल क्षेत्र से जुड़े भूपेंद्र राज का कहना है कि ई-20 ईंधन से पर्यावरणीय लाभ मिलने की संभावना है, लेकिन पुराने वाहनों में फ्यूल सिस्टम की समय-समय पर जांच आवश्यक है। उनका सुझाव है कि वाहन मालिक अधिकृत सर्विस सेंटर से परामर्श लेकर ही किसी निष्कर्ष पर पहुंचें।
विशेषज्ञों के अनुसार ई-20 भारत की ऊर्जा सुरक्षा की दिशा में बड़ा कदम है, लेकिन इसके प्रति उपभोक्ताओं में जागरूकता बढ़ाना भी उतना ही जरूरी है।