टेट अनिवार्यता के विरोध में उदयपुर संभाग के शिक्षकों का प्रदर्शन, संभागभर में सौंपे ज्ञापन

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सुप्रीम कोर्ट के निर्णय से शिक्षकों में रोष, सेवा सुरक्षा और विधायी हस्तक्षेप की मांग
उदयपुर, 18 जून:
शिक्षक पात्रता परीक्षा (टेट) की अनिवार्यता को लेकर आए सुप्रीम कोर्ट के निर्णय के विरोध में उदयपुर संभाग के शिक्षकों में व्यापक रोष देखने को मिला। अखिल भारतीय राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ के आह्वान पर उदयपुर, बांसवाड़ा, डूंगरपुर, चित्तौड़गढ़, राजसमंद, प्रतापगढ़ और सलूंबर सहित संभाग के सभी जिला मुख्यालयों पर शिक्षकों ने रैलियां निकालकर प्रदर्शन किया तथा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नाम जिला प्रशासन को ज्ञापन सौंपे।
शिक्षकों का कहना है कि वर्ष 2010 से पूर्व नियुक्त शिक्षकों की भर्ती उस समय लागू नियमों और वैधानिक प्रक्रिया के तहत हुई थी तथा उन्हें टेट से स्थायी छूट प्रदान की गई थी। इसके बावजूद न्यायालय के हालिया निर्णय से दशकों से सेवा दे रहे शिक्षकों की नौकरी, वरिष्ठता और पदोन्नति पर संकट खड़ा हो गया है। महासंघ पदाधिकारियों ने कहा कि इस फैसले से देशभर में लाखों शिक्षक प्रभावित होंगे, जिससे शिक्षा व्यवस्था पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है।
तीन प्रमुख मांगों पर जोर
ज्ञापन में मांग की गई कि सर्वोच्च न्यायालय के आदेश को केवल भविष्य की नियुक्तियों पर लागू किया जाए, वर्ष 2010 से पूर्व नियुक्त शिक्षकों की सेवा सुरक्षा और अधिकारों की रक्षा की जाए तथा केंद्र सरकार आवश्यक विधायी या नीतिगत संशोधन कर प्रभावित शिक्षकों को राहत प्रदान करे। शिक्षकों ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा। महासंघ ने इसे शिक्षकों के सम्मान, अधिकार और भविष्य की रक्षा की लड़ाई बताते हुए संघर्ष जारी रखने का संकल्प व्यक्त किया।