सांसद रावत ने काशी में उत्तरप्रदेश भाजपा अनुसूचित जनजाति मोर्चा की बैठक ली, काशी विश्वनाथ के दर्शन कर देश में खुशहाली की कामना की
उदयपुर, 5 अक्टूबर: उदयपुर सांसद एवं भाजपा अनुसूचित जनजाति मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. मन्नालाल रावत ने उत्तरप्रदेश भाजपा अनुसूचित जनजाति मोर्चा की बैठक में कहा कि भाजपा और एनडीए ने जनजाति समाज के संवैधानिक अधिकारों की रक्षा के साथ उसके विकास के लिए अनेक महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस शासन की गलत नीतियों के कारण जनजाति क्षेत्रों में गरीबी, अशिक्षा और अव्यवस्था बढ़ी तथा विकास प्रभावित हुआ।
डॉ. रावत ने भारतीय जनता पार्टी के काशी क्षेत्रीय कार्यालय में आयोजित बैठक में संगठनात्मक विषयों, जनजाति समाज से जुड़े मुद्दों, सोशल मीडिया पर प्रचलित विचारों तथा उत्तरप्रदेश में डबल इंजन सरकार की योजनाओं पर पदाधिकारियों से संवाद किया। बैठक में प्रदेश अध्यक्ष इं. विद्याभूषण गोंड, पूर्व अध्यक्ष डॉ. संजय गोंड सहित प्रदेश पदाधिकारी, जिला अध्यक्ष, युवा कार्यकर्ता और महिला कार्यकर्ता मौजूद रहे।
डॉ. रावत ने कहा कि भाजपा-एनडीए सरकार ने 1999 में केंद्र में अलग जनजाति मंत्रालय बनाया तथा 2003 में राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग के गठन के माध्यम से संवैधानिक अधिकारों की रक्षा की। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कार्यकाल में पहली बार जनजाति समाज की बेटी को राष्ट्रपति बनाया गया। उन्होंने प्रधानमंत्री जनमन योजना और 79 हजार करोड़ रुपए के धरती आबा जनजातीय उन्नत ग्राम अभियान सहित विभिन्न योजनाओं की जानकारी दी और कार्यकर्ताओं से इनका व्यापक प्रचार करने का आह्वान किया।
उन्होंने कहा कि अयोध्या में भगवान श्रीराम मंदिर का निर्माण जनजाति समाज के गौरव से भी जुड़ा है, क्योंकि शबरी माता का प्रसंग जनजातीय इतिहास का महत्वपूर्ण हिस्सा है। डॉ. रावत ने बनारस हिंदू विश्वविद्यालय में जनजाति समाज के शिक्षकों और विद्यार्थियों से भी संवाद किया। बाद में उन्होंने काशी विश्वनाथ मंदिर में दर्शन कर देश में खुशहाली की कामना की।