आरएनटी मेडिकल कॉलेज में नवप्रवेशी विद्यार्थियों को वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. पीसी जैन ने किया संबोधित
उदयपुर, 19 सितम्बर: आरएनटी मेडिकल कॉलेज में नए प्रवेश लेने वाले विद्यार्थियों के लिए संबोधन कार्यक्रम आयोजित किया गया। वरिष्ठ चिकित्सक एवं जल मित्र डॉ. पीसी जैन ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि भावी डॉक्टरों के लिए मानव देह एक ‘साइलेंट टीचर’ है। इससे उन्हें मानव शरीर की संरचना और कार्यप्रणाली का ज्ञान प्राप्त होता है, जो कुशल चिकित्सक बनने की दिशा में उनकी पहली कक्षा है। उन्होंने कहा कि जिस तरह पहली कक्षा के शिक्षक का सम्मान किया जाता है, उसी प्रकार मानव देह को भी सम्मान देना चाहिए।
डॉ. जैन ने कहा कि समाज डॉक्टरों को दूसरे भगवान के रूप में देखता है। ऐसे में विद्यार्थियों को उसी अनुरूप अपने व्यक्तित्व का विकास करना चाहिए।
माइक्रो और नैनोप्लास्टिक के प्रभाव पर चर्चा
डॉ. जैन ने प्लास्टिक के बढ़ते उपयोग और उसके संभावित स्वास्थ्य प्रभावों पर प्रस्तुतीकरण दिया। उन्होंने बताया कि रोजमर्रा की कई वस्तुओं में माइक्रो एवं नैनोप्लास्टिक के कण पाए जा सकते हैं। उन्होंने प्लास्टिक के संभावित प्रभावों और शरीर में इसके पहुंचने से जुड़े विभिन्न अध्ययनों का उल्लेख करते हुए विद्यार्थियों को जागरूक किया।
उन्होंने रसोई में जहां तक संभव हो स्टील और तांबे के बर्तनों के उपयोग की सलाह दी। प्रस्तुतीकरण के माध्यम से प्लास्टिक के खिलौनों सहित दैनिक उपयोग की वस्तुओं से बच्चों के संपर्क को भी समझाया।
डॉ. जैन ने जल प्रदूषण पर भी चिंता जताई। उन्होंने लोगों से रासायनिक या प्लास्टिक से बनी पूजा सामग्री को जल स्रोतों में प्रवाहित नहीं करने का आग्रह किया। उन्होंने विश्व मौसम विज्ञान संगठन की रिपोर्ट का उल्लेख करते हुए कहा कि पृथ्वी के मीठे जल भंडार में लगातार गिरावट चिंता का विषय है और उपलब्ध मीठे पानी को प्रदूषण से बचाना भी जरूरी है।
कार्यक्रम में विद्यार्थियों ने लघु नाटिका के माध्यम से प्लास्टिक के उपयोग से जुड़े विषयों को प्रस्तुत किया। इसमें यशंशी, मनस्वी, निधि गुप्ता, खुशी, निकिता, अनुज, रोहित और संकल्प सहित विद्यार्थियों ने भाग लिया। प्रभारी डॉ. पूजा तथा डॉ. पल्लवी दुबे ने डॉ. पीसी जैन का स्वागत एवं धन्यवाद किया।