उदयपुर, 25 अक्टूबर: वासुपूज्य मंदिर दादाबाड़ी में आयोजित धर्मसभा में साध्वी डॉ. विद्युतप्रभा श्रीजी आदि ठाणा-6 ने श्रावक-श्राविकाओं को धर्म, संयम और सदाचार का महत्व बताया। उन्होंने कहा कि मनुष्य जीवन का उद्देश्य केवल भौतिक सुख-सुविधाएं हासिल करना नहीं, बल्कि आत्मशुद्धि और आध्यात्मिक उन्नति की दिशा में आगे बढ़ना है। धर्म तभी सार्थक होता है, जब उसे व्यवहार में उतारा जाए। संयम इच्छाओं पर नियंत्रण सिखाता है, जबकि सदाचार जीवन में शांति और सकारात्मकता लाता है। साध्वीश्री ने विचार, वाणी और व्यवहार में पवित्रता बनाए रखने तथा अहिंसा, करुणा, क्षमा और आत्मचिंतन को अपनाने का आह्वान किया। धर्मसभा में श्रद्धालुओं ने प्रवचनों का लाभ लिया।