हल्दीघाटी विजय की गाथा अब पहुंचेगी दुनिया के हर मोबाइल तक

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राष्ट्र चेतना संकल्प सभा से पहले मेवाड़ के डिजिटल योद्धाओं ने संभाली कमान, 17 जून को डॉ. मोहन भागवत करेंगे संबोधित
उदयपुर, 12 जून
: हल्दीघाटी विजय के 450 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में मेवाड़ के शौर्य, स्वाभिमान और राष्ट्रभक्ति की गौरवगाथा अब सोशल मीडिया के माध्यम से विश्वभर में पहुंचाई जाएगी। प्रताप गौरव केंद्र ‘राष्ट्रीय तीर्थ’ में आयोजित इन्फ्लुएंसर्स मीट में मेवाड़ के डिजिटल क्रिएटर्स, सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स और विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े युवाओं ने यह संकल्प लिया कि महाराणा प्रताप की विजय और मेवाड़ के इतिहास से जुड़े प्रमाणिक तथ्यों को हर मोबाइल और हर मंच तक पहुंचाया जाएगा।
17 जून को आयोजित होने वाली राष्ट्र चेतना संकल्प सभा की तैयारियों के तहत आयोजित इस कार्यक्रम में इतिहासविदों ने प्रतिभागियों को हल्दीघाटी युद्ध और मेवाड़ के इतिहास से जुड़े प्रमाणिक संदर्भों की जानकारी दी। वीर शिरोमणि महाराणा प्रताप समिति के अध्यक्ष प्रो. भगवती प्रकाश शर्मा ने कहा कि सोशल मीडिया आज जनमत निर्माण का सबसे प्रभावी माध्यम है और इसके जरिए इतिहास की सत्यता को व्यापक स्तर पर पहुंचाया जा सकता है।

वरिष्ठ इतिहासविद डॉ. प्रताप सिंह झाला ने हल्दीघाटी युद्ध के घटनाक्रम, महाराणा प्रताप की रणनीति और वीर योद्धाओं के बलिदान पर प्रकाश डाला। प्रताप गौरव केंद्र के निदेशक अनुराग सक्सेना ने कहा कि यह युद्ध स्वाधीनता, स्वाभिमान और मातृभूमि की रक्षा का प्रतीक है। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स, इतिहास शोधकर्ताओं और समाज के विभिन्न वर्गों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया।

17 जून को होगी राष्ट्र चेतना संकल्प सभा
स्थान :
प्रताप गौरव केंद्र, उदयपुर
मुख्य वक्ता : राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक डॉ. मोहनराव भागवत
अवसर : हल्दीघाटी विजय सार्द्ध चतु:शती उत्सव
उद्देश्य : युवा पीढ़ी तक मेवाड़ के गौरवशाली इतिहास के तथ्य पहुंचाना
सोशल मीडिया के माध्यम से वैश्विक स्तर पर जनजागरण अभियान