उदयपुर, 2 जून: उदयपुर के महाराणा प्रताप खेलगांव परिसर को ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से स्थापित 20 किलोवाट क्षमता का सोलर प्लांट हाल ही में आए तेज तूफान की भेंट चढ़ गया। दो दिन पूर्व आए आंधी-तूफान में तरणताल के सामने लगाए गए सौर ऊर्जा संयंत्र की कई प्लेटें उड़ गईं, जिससे पूरा प्लांट फिलहाल बंद हो गया है और बिजली उत्पादन पूरी तरह प्रभावित हुआ है।
खेलगांव परिसर में स्थापित इस सौर ऊर्जा संयंत्र का उद्देश्य बिजली खर्च में कमी लाना तथा खेल गतिविधियों के लिए निर्बाध और पर्यावरण-अनुकूल ऊर्जा उपलब्ध कराना था। लेकिन प्राकृतिक आपदा के बाद संयंत्र की स्थिति खराब हो गई है। परिसर में पार्किंग क्षेत्र में लगी कई सोलर प्लेटें भी उखड़कर जमीन पर गिर गईं, जो क्षतिग्रस्त अवस्था में अब भी मौके पर पड़ी हुई हैं।
हैरानी की बात यह है कि घटना के दो दिन बाद भी क्षतिग्रस्त प्लेटों को हटाने या मरम्मत की कोई प्रक्रिया शुरू नहीं हुई है। स्थानीय लोगों और खेल प्रेमियों का कहना है कि खेलगांव जैसे महत्वपूर्ण परिसर में ऊर्जा व्यवस्था को लेकर लापरवाही नहीं बरती जानी चाहिए।
इस संबंध में जब संबंधित अधिकारियों से संपर्क किया गया तो उन्होंने बजट की कमी का हवाला देते हुए कहा कि बजट उपलब्ध होने के बाद ही मरम्मत और पुनर्स्थापना की कार्रवाई की जा सकेगी। फिलहाल खेलगांव का सौर ऊर्जा संयंत्र बंद होने से आत्मनिर्भर ऊर्जा व्यवस्था पर सवाल खड़े हो रहे हैं।