राजस्थान में मानसून के अंतिम दौर में बारिश का कहर, कहीं डैम ओवरफ्लो तो कहीं खेत जलमग्न

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सलूंबर में पुल के ऊपर से बही सरनी नदी, डूंगरपुर के पूंजेला डैम पर चली चादर; बूंदी में कटी उड़द की फसल पानी में डूबी


उदयपुर, 18 सितम्बर:
राजस्थान में मानसून की विदाई से पहले बारिश का दौर तेज हो गया है। उदयपुर संभाग सहित प्रदेश के कई हिस्सों में गुरुवार रात से शुक्रवार तक रुक-रुककर बारिश हुई। सलूंबर के झल्लारा में सरनी नदी पुल के ऊपर से बहने लगी, जिससे प्रशासन ने यातायात रोक दिया। डूंगरपुर के आसपुर क्षेत्र में पूंजपुर-पुंजेला डैम पर शुक्रवार सुबह करीब एक फीट पानी की चादर चली। चित्तौड़गढ़ के रावतभाटा में ब्राह्मणी नदी का जलस्तर बढ़ने से डब्को झरने में भी तेज बहाव देखने को मिला।
डूंगरपुर में बारिश के कारण खेड़ा-आसपुर के गमेला तालाब का जलस्तर बढ़ गया और रास्ता बंद करना पड़ा। बांसवाड़ा में शुक्रवार सुबह हुई बारिश के बाद शहर के आजाद चौक की सड़कों पर पानी बहने लगा। जालोर में करीब एक घंटे की तेज बारिश से कई सड़कों पर पानी भर गया, जबकि जैसलमेर के मोहनगढ़ में सुबह से दोपहर तक रुक-रुककर बारिश हुई।
बूंदी में कटी उड़द की फसल बर्बाद: नैनवां क्षेत्र में गुरुवार दोपहर 3:30 से 4:30 बजे तक करीब 18 एमएम बारिश हुई। बंबूली गांव में खेतों में पानी भरने से कटी हुई उड़द की फसल डूब गई। करीब 1500 किसानों की फसल प्रभावित होने की बात सामने आई है। पानी में पड़ी उड़द में सड़न शुरू हो गई है, जबकि खड़ी सोयाबीन में भी फंगस का खतरा है। क्षेत्र में करीब 29,396 हेक्टेयर उड़द और 26,555 हेक्टेयर सोयाबीन की फसल है।
कई जिलों में 4 इंच तक बारिश: गुरुवार को सवाई माधोपुर, करौली, नागौर, अजमेर और जयपुर में चार इंच तक बारिश दर्ज हुई। भीलवाड़ा, बूंदी, टोंक, झुंझुनूं और बीकानेर में दो इंच तक पानी बरसा। बारिश के साथ तापमान में भी 2 से 7 डिग्री तक गिरावट दर्ज की गई। कोटा जंक्शन पर बारिश के दौरान बिजली के पैनल में शॉर्ट सर्किट से आग लग गई, जिसे कुछ मिनट में बुझा दिया गया।