जोगी तालाब में हनुमान मंदिर पर यूडीए की कार्रवाई, ग्रामीणों में आक्रोश

Share

यूआईटी की कार्रवाई के बाद लोगों ने जताया विरोध, विधायक मीणा और महापौर सिंघवी पहुंचे; महापौर बोले- रिजर्व लैंड पर मंदिर निर्माण अपराध नहीं, फिर स्थापित होगी प्रतिमा
उदयपुर, 3 अक्टूबर:
शहर के जोगी तालाब स्थित वॉटरहुड विहार में शुक्रवार को उदयपुर विकास प्राधिकरण की ओर से अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई के दौरान हनुमानजी का मंदिर तोड़े जाने के बाद विवाद खड़ा हो गया। प्राधिकरण की टीम सुबह करीब 6 बजे जेसीबी लेकर पहुंची और मंदिर के पक्के निर्माण तथा दीवार को ढहा दिया। कार्रवाई के दौरान मंदिर में स्थापित हनुमानजी की प्रतिमा भी कर्मचारी अपने साथ ले गए। जानकारी मिलने पर बड़ी संख्या में स्थानीय लोग मौके पर जुट गए और कार्रवाई का विरोध करते हुए प्राधिकरण के खिलाफ नारेबाजी की।
स्थिति की जानकारी मिलने पर ग्रामीण विधायक फूलसिंह मीणा, महापौर पारस सिंघवी, पार्षद अनुल चांडासिया और भाजपा नेता शक्तिसिंह शक्तावत मौके पर पहुंचे। जनप्रतिनिधियों ने लोगों से बातचीत कर उन्हें शांत कराया और प्रतिमा दोबारा स्थापित कराने का आश्वासन दिया। विधायक मीणा ने प्राधिकरण अधिकारियों से कार्रवाई को लेकर नाराजगी जताते हुए निजी स्कूल परिसर में भी अतिक्रमण की कार्रवाई करने की बात कही।
शिकायत के बाद हुई कार्रवाई
प्राधिकरण अधिकारियों के अनुसार आसपास रहने वाले कुछ लोगों ने शिकायत दी थी कि रिजर्व लैंड पर पक्का निर्माण कर मंदिर बनाया गया है। इस संबंध में नोटिस भी दिया गया था, जिसमें संबंधित लोगों को स्वेच्छा से मंदिर हटाने या अन्य स्थान पर स्थानांतरित करने का विकल्प दिया गया था। ऐसा नहीं किए जाने पर सरकारी भूमि से पक्का निर्माण हटाने की कार्रवाई की गई।
स्थानीय निवासी कृष्ण मोहन ने बताया कि क्षेत्र में आसपास कोई मंदिर नहीं था, इसलिए करीब सात वर्ष पहले स्थानीय लोगों ने रिजर्व लैंड पर हनुमानजी की प्रतिमा स्थापित की थी। इसके बाद पक्का निर्माण कर दीवार खड़ी की गई और छत बनाने की तैयारी थी।
महापौर बोले- फिर बनेगा मंदिर
महापौर पारस सिंघवी ने कहा कि रिजर्व लैंड पर मंदिर निर्माण करना कोई अपराध नहीं है। प्रतिमा वापस स्थापित होगी और मंदिर का पुनर्निर्माण भी किया जाएगा। उन्होंने कहा कि यदि किसी निजी स्कूल ने भी गलत तरीके से निर्माण कराया है तो उसके खिलाफ भी कार्रवाई होगी। विधायक फूलसिंह मीणा ने प्रतिमा वापस मंदिर में स्थापित कराने की मांग रखी और प्राधिकरण अधिकारियों से इस मामले में दोबारा बात की।