कलेक्टर पर ‘अहंकार’ का आरोप, IAS पति-पत्नी से विवाद बढ़ा
उदयपुर, 2 अप्रैल: उदयपुर से भाजपा सांसद डॉ. मन्नालाल रावत और IAS दंपती अंकित कुमार सिंह व अंजलि राजोरिया के बीच विवाद लगातार गहराता जा रहा है। सांसद रावत अब अंजलि राजोरिया के खिलाफ विशेषाधिकार हनन प्रस्ताव लाने पर गंभीरता से विचार कर रहे हैं। इस मुद्दे पर वे विशेषज्ञों से भी चर्चा कर चुके हैं और इसे लेकर उनका रुख सख्त बना हुआ है।
सांसद रावत ने कहा कि राज्य सरकार ने मामले को गंभीरता से लेते हुए दोनों IAS अधिकारियों का तबादला कर दिया है, लेकिन इसके बावजूद विशेषाधिकार हनन प्रस्ताव का विकल्प अभी भी खुला है। उन्होंने स्पष्ट किया कि प्रशासनिक अधिकारियों को सरकार के निर्देशों का पालन करना अनिवार्य है। इस संबंध में उन्होंने मुख्य सचिव को पत्र भी लिखा और मामला संसद में भी उठाया।
डीएमएफ कार्यों को लेकर विवाद की जड़
54 में से केवल 3 कार्य आगे बढ़ाने का आरोप
सांसद रावत का आरोप है कि प्रतापगढ़ कलेक्टर रहते हुए अंजलि राजोरिया ने डिस्ट्रिक्ट मिनरल फाउंडेशन (DMF) के तहत स्वीकृत 54 विकास कार्यों में से केवल 3 को ही आगे बढ़ाया। इनमें शिक्षा, पेयजल और ग्रामीण विकास से जुड़े महत्वपूर्ण कार्य शामिल थे, जिनके लिए वित्तीय स्वीकृति भी मिल चुकी थी।
सांसद का कहना है कि यह निर्णय प्रशासनिक विवेक के बजाय व्यक्तिगत अहंकार के कारण लिया गया, जिससे प्रधानमंत्री के विकास विजन को नुकसान पहुंचा। इसी मुद्दे को लेकर 8 दिसंबर 2025 को सांसद और कलेक्टर के बीच विवाद भी हुआ था।
पति अंकित कुमार सिंह से भी टकराव
दिशा समिति बैठक में विवाद के दौरान हस्तक्षेप नहीं करने का आरोप
सांसद रावत का IAS अंकित कुमार सिंह से भी विवाद सामने आया है। डूंगरपुर जिले की दिशा समिति की बैठक में, जहां सांसद सह-अध्यक्ष के रूप में मौजूद थे, सूची से बाहर विषय पर चर्चा को लेकर विवाद हुआ।
सांसद का आरोप है कि उस दौरान कलेक्टर अंकित कुमार सिंह को हस्तक्षेप करना चाहिए था, लेकिन उन्होंने ऐसा नहीं किया। इस संबंध में मुख्यमंत्री और मुख्य सचिव से शिकायत भी की गई थी।
संसद में भी उठा मुद्दा, तबादले के बाद भी रुख सख्त
‘वेट एंड वॉच’ की स्थिति, जांच की मांग बरकरार
27 मार्च को सांसद रावत ने संसद में भी यह मुद्दा उठाते हुए कहा था कि कलेक्टर ने अपने दंभ के कारण 54 में से केवल 3 कार्य ही स्वीकृत किए। उन्होंने DMF का अध्यक्ष लोकसभा सांसद को बनाने और मामले की जांच की मांग भी की।
1 अप्रैल को जारी तबादला सूची में अंजलि राजोरिया को प्रतापगढ़ कलेक्टर पद से हटाकर गृह विभाग में संयुक्त सचिव बनाया गया, जबकि अंकित कुमार सिंह को डूंगरपुर से फलोदी कलेक्टर नियुक्त किया गया। हालांकि, तबादलों के बाद भी सांसद का रुख नरम नहीं पड़ा है। उन्होंने कहा कि मामला अभी “वेट एंड वॉच” की स्थिति में है और जनहित से जुड़े पहलुओं पर परीक्षण जारी है।